भद्रकाली महाविद्यालय इटखोरी में विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन किया गया





वृक्ष जीवन के अस्तित्व के संरक्षक हैं और पर्यावरण की सुरक्षा वृक्षों से ही संभव है:प्राचार्य





पूर्वांचल सूर्य ब्यूरो,इटखोरी,चतरा। प्रखंड के एकमात्र ख्याति प्राप्त शिक्षण संस्थान भद्रकाली महाविद्यालय इटखोरी में विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन एनएसएस इकाई एक एवं दो के तत्वावधान में किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दुलार ठाकुर ने की। इस अवसर पर छात्र छात्राओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।





कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ दुलार ठाकुर ने कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया वैश्विक ताप वृद्धि और जलवायु परिवर्तन से परेशान है। भारत सहित दुनिया के कई देशों में तापमान 50डिग्री को पार कर रहा है। यह बहुत ही खतरनाक है। यह न केवल पूरी मानव जाति के लिए बल्कि संपूर्ण सजीवों के अस्तित्व के लिए खतरा है। इससे बचने के लिए अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने की आवश्यकता है तभी संपूर्ण सजीव जगत का अस्तित्व सुरक्षित रह पाएगा। जीवनदायी वृक्ष संतान के समान होते हैं।





प्रोफेसर ललित मोहन सिन्हा ने कहा कि 5जून 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया था और तब से लगातार लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने,पेड़ पौधों,जंगलों नदियों, झीलों भूमि ,पहाड़ इत्यादि के महत्व को समझने के उद्देश्य से इसका आयोजन किया जाता है। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस का थीम भूमि बहाली, मरुस्थलीकरण और सुखा सहनशीलता है। प्रकृति के बिना मानव जीवन संभव नहीं है। इसलिए प्रकृति का संरक्षण एवं संवर्धन दोनों आवश्यक है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और बढ़ते प्रदूषण के कारण ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है।हवा की गुणवत्ता खराब होती जा रही है ।मानव के साथ साथ पशु पक्षीयों की असमय मृत्यु हो रही है। पेड़ पौधे कार्बन डाइऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों का अवशोषण कर के शुद्ध प्राणवायु ऑक्सीजन प्रदान करते है। आवश्यकता इस बात की है कि पीपल,बरगद,नीम जैसे वृक्ष अधिक से अधिक लगाए जाएं।





इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में आम और पीपल के पौधे लगाए गए।प्राचार्य ने उपस्थित महाविद्यालय कर्मियों और छात्र छात्राओं को कम से कम पांच पौधे लगाने और उन्हें बचाने की शपथ भी दिलवाई।कार्यक्रम का संचालन एनएसएस इकाई एक के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. संदीप कुमार ने की। धन्यवाद ज्ञापन प्रो सकेंद्र मिस्त्री के द्वारा किया गया।





कार्यक्रम में दशरथ राणा, मो रफीक,विजय कुमार,मुनेश्वर रजक,रंजीत कुमार, मो हदीश,सुरेश साव,पवन कुमार,इंद्रजीत सिंह,रामदेव रविदास,शुभम सौरव ,सहित बड़ी संख्या में छात्र छात्राओं की उपस्थिति रही।