रांची। देवघर में धारा 144 लागू करने और शिव बारात के मार्ग में बदलाव किए जाने के खिलाफ गोड्डा के भारतीय जनता पार्टी से सांसद डाॅक्टर निशिकांत दुबे की जनहित याचिका पर आज शुक्रवार को सुनवाई होगी। गुरुवार को प्रार्थी के अधिवक्ता की ओर से इस मामले में जल्द सुनवाई के लिए विशेष मेंशन किया गया, जिसे एक्टिंग चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह व जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने स्वीकार कर लिया।





निशिकांत दुबे की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि देवघर में कई सालों से शिव बारात निकालने की परंपरा रही है। 1994 में इसके आयोजन के लिए समिति बनाई गई थी, जिसकी ओर से शिव बारात के लिए मार्ग निर्धारित किया जाता था।जिला प्रशासन ने बिना समिति की सहमति लिए मनमाने ढंग से शिव बारात निकालने का मार्ग तय कर दिया है। जिला प्रशासन की ओर से निर्धारित मार्ग में सड़क काफी संकरा है। इससे शिव बारात निकालने में परेशानी होगी।





याचिका में कहा गया है कि इस तरह के सांस्कृतिक जुलूस के लिए दूसरे मार्ग में बदलाव किया जाता है, जबकि जिला प्रशासन ने शिव बारात वाले मार्ग में ही बदलाव कर दिया है। याचिका में आरोप लगाया है कि जानबूझकर जिला प्रशासन ने ऐसा निर्णय लिया है।श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। निर्धारित मार्ग से शिव बारात निकालने की पुरानी परंपरा रही है। सांसद की ओर से इस मामले में अदालत हस्तक्षेप करने की मांग की गई है।





याचिका में यह भी कहा गया है कि देवघर एसडीओ ने शिवरात्रि के दिन धारा 144 लागू कर दी है। इसके पीछे कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार जब तक यह स्पष्ट न हो जाए कि उक्त क्षेत्र में शांति भंग होने की संभावना, तब तक निषेधाज्ञा नहीं लगाई जा सकती है। लेकिन जिला प्रशासन ने पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर उक्त आदेश पारित किया है। जिसे निरस्त किया जाए।