पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,पाकुड़। रेलवे फाटक पर भूमिगत पथ में जलजमाव की समस्या के समाधान के लिए निवर्तमान नगर परिषद अध्यक्ष सम्पा साहा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल स्टेशन प्रबंधक पूर्व रेलवे पाकुड़ लखीराम हेम्ब्रम और यातायात निरीक्षक ज्योतिर्मयी साहा से मिलकर तीन सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।प्रतिनिधि मंडल में शबरी पाल,पार्वती देवी मौजूद थीं।
मंडल रेल प्रबंधक हावड़ा के नाम सौपें अपने ज्ञापन में शम्पा साहा ने सबवे में जलजमाव की समस्या को दर्शाते हुए कहा है कि पाकुड़ शहर मुख्यतः दो भागों में विभक्ति है। 1.रेल लाइन के पूर्वी तरफ और 2.रेल लाइन के पश्चिम तरफ। दोनों भागों को जोड़ने वाला भूमिगत पथ जो कि राज्य सरकार और रेल के सहयोग से निर्मित है।यही एकमात्र मार्ग है,जिससे होकर पाकुड़ के आम नागरिक और विभिन्न वाहनों का आगमन होता है।परंतु उक्त भूमिगत पथ में स्थानीय रेल प्रशासन द्वारा लगातार अनदेखी की वजह से वर्षा के समय जल जमाव की समस्या का सामना आम नागरिकों को करना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि इस पर प्रयास नहीं किया गया। इससे पूर्व वरिष्ठ मंडल अभियंता पूर्व रेलवे हावड़ा के निर्देशानुसार उक्त समस्या के समाधान हेतु चार सदस्य टीम का गठन किया गया जो दिनांक 12.10.2023 को मुक्त भूमिगत पथ स्थल का जांच कर संयुक्त जांच प्रतिवेदन वरीय पदाधिकारी को समर्पित किया गया हैं। इस जांच प्रतिवेदन में अत्यधिक जल जमाव के निकासी के लिए बने सम्प के कचड़े की सफाई एवं सम्प में जमे अत्यधिक जल की निकासी के लिए 50 मीटर नाली का निर्माण इत्यादि करना तय हुआ था। परंतु इन्हीं दो कार्यों को छोड़ दिया गया एवं अन्य कार्यों को कर दिया गया जबकि इसका प्रस्ताव 8 माह पूर्व नवंबर 2023 में बना था। आठ माह बीत जाने के बाद भी समस्या जस का तस बना हुआ है, साथ ही मंडल रेल प्रबंधक से आग्रह किया है कि पैदल चलने वाले आम नागरिकों के लिए फुटपाथ का निर्माण भी किया जाए ताकि पैदल चलने वाले नागरिक भी शहर के दोनों भागों में सुगमतापूर्वक से आवागमन कर सकें।
सम्पा साहा ने बताया कि शहर के दोनों भागों को जोड़ने वाले इस मुख्य मार्ग की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मैं नगर वासियों के साथ जल सत्याग्रह करने को विवश हो जाऊंगी।





