वरीय संवाददाता,रांची। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में 56 दिनों के बाद भी हिंसक घटनाओं को रोकने में विफल रहे राज्य के मुख्यमंत्री एन वीरेन सिंह को अविलंब राष्ट्रपति बर्खास्त करें और वहां राष्ट्रपति शासन लागू करें। उपरोक्त बातें गुरुवार को झारखंड बचाओ मोर्चा के केंद्रीय संयोजक व आदिवासी मूलवासी जन अधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष विजय शंकर नायक ने कही।उन्होंने कहा कि मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर जुलुस के शक्ल में घुमाने की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है।
मणिपुर हिंसा की आग में जल रहा है। अब तक 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। तीन हजार से ज्यादा लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। करीब 50 हजार लोग अपना घर-बार छोड़कर रिलीफ कैम्प में रहने को विवश हैं।
मणिपुर में विधि व्यवस्था चौपट हो चुकी है। वहां पर कानून का राज समाप्त हो चुका है। ऐसे में एक ही विकल्प मणिपुर को शांत करने, अमन चैन बहाल करने के लिए जन जीवन को सामान्य करने के लिए वहां पर राष्ट्रपति द्वारा हस्तक्षेप कर वहां राष्ट्रपति शासन लागू कर पूर्वोत्तर राज्य को सेना के हवाले किया जाना चाहिए। ताकि वहां अमन-चैन बहाल हो सके और हिंसक घटनाओं पर रोक लगाया जा सके।
विजय शंकर नायक ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार मणिपुर में हिंसा की घटनाओं को रोकने में विफल है। ऐसे में वहां भाजपा सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाना ही विकल्प है। जब तक शांति बहाल नहीं की जा सकती तब तक सेना के हवाले किया जाना चाहिए।





