नई दिल्ली / लखनऊ
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में मतदाता सूची (Voter List) में कथित बड़े पैमाने पर अनिमियिताओं और धांधली को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बेहद कड़ा और सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने 127-पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र के दो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO)—मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी—को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश जारी किया है।
इसके साथ ही आयोग ने दोनों अधिकारियों के आरोपपत्र (Charge Sheet) जांच हेतु प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं और यह स्पष्ट किया है कि आयोग की पूर्व अनुमति के बिना इन्हें बहाल नहीं किया जा सकेगा।
कंप्यूटर ऑपरेटर समेत अधिकारियों पर दर्ज FIR में जुड़ी नई धाराएं
निर्वाचन आयोग ने केवल निलंबन तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि दोनों आरोपी ईआरओ (ERO) और वीआरसी (VRC) कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार के खिलाफ पहले से दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 198 को जोड़ने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने संबंधित अदालत में इस मामले की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने को कहा है ताकि दोषियों को सख्त सजा मिल सके।
तीन दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब
मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने सख्त समयावधि तय की है:
- एईआरओ की भूमिका पर रिपोर्ट: 127-पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र के पांच सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) की भूमिका और वीआरसी ऑपरेटर पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 3 दिनों के भीतर मांगी गई है।
- चारों विधानसभा सीटों की जांच: जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), पीलीभीत को जिले की सभी चारों विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की विस्तृत जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में विशिष्ट टिप्पणियों के साथ सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
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पूरे उत्तर प्रदेश की मतदाता सूचियों का होगा ऑडिट
पीलीभीत मामले के बाद निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और ईआरओ को अपने-अपने क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की दोबारा गहन जांच (Audit) करने का आदेश दिया है।
विशेष रूप से:
- फॉर्म-6 (नए मतदाताओं का नाम जोड़ना),
- फॉर्म-7 (नाम हटाना), और
- फॉर्म-8 (विवरण में संशोधन)
के माध्यम से किए गए बदलावों के आंकड़ों की बारकी से जांच की जाएगी। मुख्य सचिव और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
विपक्षी दलों का आरोप: "नाम वही, डेटा बदला गया"
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस समेत प्रमुख विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए आयोग से शिकायत की थी।
- पीलीभीत सीट: आरोप था कि पीलीभीत सदर सीट पर 13,150 पंजीकृत मतदाताओं के विवरण में गुपचुप तरीके से बदलाव किए गए, जबकि उनके इलेक्टर फोटो पहचान पत्र (EPIC) नंबर और सीरियल नंबर वही रखे गए।
- आजमगढ़ सीट: इसी तरह 347-आजमगढ़ निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में एक ही नाम ('विकास यादव') की 13 अलग-अलग प्रविष्टियों (Entries) के सामने आने से हड़कंप मच गया था।
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