नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान रविवार को विपक्षी एकता का केंद्र बन गया। 'INDIA' गठबंधन के बैनर तले आयोजित 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली में देशभर के प्रमुख विपक्षी दलों के दिग्गज नेता एकजुट हुए। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर बुलाए गए इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC), समाजवादी पार्टी (SP), और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) समेत कई प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी ताकत दिखाई।
खुली बस में साथ निकले विपक्षी दिग्गज
विपक्षी एकजुटता का बड़ा संदेश देते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निवास से विपक्षी नेताओं के साथ मिंटो ब्रिज और रामलीला मैदान की ओर रवाना हुए।
एक ही खुली बस में राहुल गांधी के साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राजद नेता तेजस्वी यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला, एनसीपी (शरद पवार) की सुप्रिया सुले, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल सवार थे।
राहुल गांधी का हमला: "BJP जबरन बंद करा रही दुकानें"
मार्च के दौरान राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर व्यापारियों और दुकानदारों को नुकसान पहुंचाने का बड़ा आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा:
"हमने रैली में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की थी कि वे यहां आकर शॉपिंग करें, ताकि स्थानीय दुकानदारों का फायदा हो सके। लेकिन कनॉट प्लेस आते समय पता चला कि भाजपा ने जबरदस्ती दुकानें बंद करवा दी हैं। पूरा देश देख रहा है कि भाजपा दुकानदारों की कमाई का नुकसान कर रही है।"
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विपक्षी नेताओं के सुर:
- रामगोपाल यादव (सपा सांसद): "यह एक अभूतपूर्व रैली है। भाजपा हमेशा झूठ बोलती है, उनकी बातों पर देश में कौन भरोसा कर सकता है?"
- कल्याण बनर्जी (TMC सांसद): "पूरे देश में इतने बड़े पैमाने पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर धांधली और भ्रष्टाचार हुआ है। सीईसी ज्ञानेश कुमार को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।"
जेपी नड्डा का जोरदार पलटवार: "यह लोकतंत्र नहीं, अराजकता का ड्रामा"
विपक्ष के इस महाजुटान और मार्च पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता जे.पी. नड्डा ने तीखा हमला बोला। उन्होंने इस रैली को "कांग्रेस के राजनीतिक पतन के ताबूत में आखिरी कील" करार दिया।
नड्डा ने राहुल गांधी के राजनीति मॉडल को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा:
"रामलीला मैदान में जो कुछ हो रहा है, वह लोकतंत्र का सम्मान नहीं बल्कि अराजकता फैलाने की साजिश है। राहुल गांधी की राजनीति के चार चरण हैं—पहला झूठ और अफवाह फैलाना, दूसरा सड़कों पर उपद्रव मचाना, तीसरा अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाना और चौथा विदेशी ताकतों के इशारे पर चुनी हुई सरकार को अस्थिर करना।"
नड्डा ने आरोप लगाया कि त्योहारों के सीजन में दिल्ली के व्यापारियों की कमाई पर डाका डालना और देश को बदनाम करना इस रैली का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने साफ किया कि भारत का लोकतंत्र संविधान और जनता के जनादेश से चलेगा, किसी की "दंगा आधारित राजनीति" से नहीं।
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