विशेष संवाददाता





रांची। झारखंड के मत्स्य कृषकों को आपदा से निपटने के गुर सिखाए गए। मत्स्य किसान प्रशिक्षण केंद्र शालीमार धुर्वा में आयोजित दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में राज्य के लगभग चार दर्जन मत्स्य कृषक पावर मोटर बोट के संचालन हेतु लाइसेंस की अर्हता के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण में सफल हुए।





इस संबंध में मत्स्य निदेशालय के मुख्य अनुदेशक प्रशांत कुमार दीपक ने बताया कि गत दो मार्च को समाप्त हुए दस दिवसीय प्रशिक्षण में मत्स्य कृषकों ने मोटर बोट संचालन और जीवन रक्षक तकनीकों की जानकारियां प्राप्त की। प्रशिक्षण शिविर में विशेष रूप से बिहार सरकार के पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग के पूर्व सचिव सह वॉटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अमिताभ वर्मा ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित किया।





मौके पर मत्स्य निदेशालय के निदेशक डॉ.एचएन द्विवेदी, एनआईडब्लूएस, गोवा के एन मुरूकेशवन, अमिताभ मैत्री, नितिन एन, मत्स्य किसान प्रशिक्षण व अनुसंधान केंद्र के पदाधिकारी व कर्मचारीगण मौजूद थे।





दस दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान मत्स्य कृषकों को विशेष रूप से आपदा से निपटने, तालाबों में मोटर बोट संचालन सहित अन्य जीवन रक्षक तकनीकों की जानकारियां दी गई।