पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,रांची।संपूर्ण भारत क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विजय शंकर नायक ने जेनेटिक हॉस्पिटल मान्यता व निबंध अभिलंब रद्द करने की राज्य सरकार से मांग की है। नायक ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन ने हैवानियत की हदें पार कर दी। एक नवजात शिशु को अपनी मां से लगभग एक महीने अलग रखकर मानवता को शर्मसार किया है। इस कुकृत्य की जितनी भी निंदा की जाए कम है।





विजय शंकर नायक ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री प्राइवेट गौतम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का आधारशिला रख रहे हैं और दूसरी तरफ सरकारी रिम्स हॉस्पिटल अव्यवस्था का शिकार होकर दम तोड़ रहा है।नायक ने कहा कि झारखंड हाई कोर्ट ने रिम्स में आधारभूत संरचना और सिस्टम की गड़बड़ियों पर गहरी चिंता जताते हुए तल्ख टिप्पणी की है।





विजय शंकर नायक ने कहा कि झारखंड में प्राथमिक स्वास्थ्य से लेकर मातृत्व शिशु कल्याण केंद्र,कुपोषण से बचाव केंद्र सभी फेल हो चुके हैं,जिसका परिणाम है कि आए दिन अखबारों की सुर्खियों में कभी एंबुलेंस के अभाव में रोगी की मौत तो कभी आधारभूत संरचना डाॅक्टर के अभाव में मरीजों की मौत तो कभी उपकरण के अभाव में मरीजों की मौत आए दिन देखने को मिलता है।