प्रयागराज।अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत देश के सुर्खियों में छाया है।हर कोई नरेंद्र गिरि की मौत का सच जानना चाहता है।सभी निगाहें सीबीआई पर टिकी है।सीबीआई भी नरेंद्र गिरि की मौत की पहेली को सुलझाने की कोशिश में जुटी हुई है।सीबीआई आज क्राइम सीन को री-क्रिएट करने की तैयारी में है। पुलिस ने नरेंद्र गिरि की मौत के बाद कमरे को सील कर दिया था।
सीबीआई के आईजी विप्लव चौधरी और एएसपी केस नेगी 20 सदस्यीय टीम के साथ शनिवार को बाघंबरी मठ पहुंच गए थे।सीबीआई ने सबसे पहले पूरे मठ का निरीक्षण किया।एक-एक कमरे का निरीक्षण किया और मठ के छत तक भी गई।सीबीआई ने कागज पर मठ का पूरा खाका खींचा। तीन घंटे चली लंबी पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।
सीबीआई जांच के दौरान किसी को मठ के अंदर न ही आने दिया गया और न किसी को बाहर जाने दिया गया। सभी के मोबाइल फोन भी जमा करा लिए गए थे। मीडिया को भी एक दायरे में ही रोक दिया गया था। मठ को चारों तरफ से सुरक्षाबल ने घेर रखा था। तीन घंटे में सीबीआई ने भोजन बनाने वाले रसोइए और सेवादारों से गहन पूछताछ की।
महंत नरेंद्र गिरि ने जिस कमरे में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी, उसमें दो दरवाजे हैं।सीबीआई की तीन अलग-अलग टीमों ने मामले की गहनता से जांच पड़ताल की।टीमों में बंटे दल ने तीन घंटे तक गहन छानबीन की। सीबीआई ने शनिवार को महंत की लाश को फंदे से उतारने का दावा करने वाले सेवादार सुमित सहित मठ के अन्य शिष्यों एक-एक कर पूछताछ की है। सबसे ज्यादा देर तक पूछताछ उस रसोइए से की गई, जो मठ का भोजन तैयार करता था और नरेंद्र गिरि को भोजन कराता था। पूछताछ के पीछे जो कारण बताया जा रहा है वो ये है कि जिस दिन नरेंद्र गिरि की मौत हुई थी उस दिन कमरे में सल्फास की एक डिब्बी पाई गई थी और कुछ गोलियां फर्श पर बिखरी पड़ी थीं।
आपको बता दें कि बीते सोमवार को प्रयागराज के बाघंबरी मठ के एक कमरे में महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उनका शव पंखे से लटका हुआ मिला था, साथ ही कमरे में एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। सुसाइड नोट के आधार पर आनंद गिरि, आद्या तिवारी और अन्य को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में लिया है।





