प्रयागराज, केस हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू प्रयागराज।अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम प्रयागराज पहुंच चुकी है।सीबीआई की टीम केस हैंडओवर लेने से पहले केस की जानकारी ले रही है।सीबीआई की टीम एफआईआर की कॉपी लेने के लिए पुलिस लाइन पहुंची।पुलिस लाइन में एसआईटी टीम और प्रयागराज पुलिस के आलाधिकारी भी मौजूद हैं।सीबीआई जल्द ही केस को अपने हाथ में लेकर जांच शुरू करेगी। सरकार नरेंद्र गिरि के मौत के मामले को जल्द से जल्द सुलझाना चाहती है और निष्पक्ष जांच को देखते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की है।



आपको बता दें कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में लगातार सवाल पर सवाल उठ रहे हैं।कई राजनेताओं से लेकर संत-समाज से जुड़े लोग भी आत्महत्या का मामला मानने से साफ तौर पर इनकार कर रहे हैं।पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग उठ रही थी। अभी तक नरेंद्र गिरि के मौत के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। नरेंद्र गिरि के सुसाइड नोट में आनंद गिरि, आद्या तिवारी और उसके बेटे संदीप तिवारी को मौत का जिम्मेदार ठहराया गया था।सुसाइड नोट में लिखा था कि ये तीनों ब्लैकमेल कर रहे हैं और मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहे हैं। नरेंद्र गिरि ने तीनों को अपनी मौत का जिम्मेदार सुसाइड नोट में ठहराया था, जिसके आधार पर यूपी पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था।



इससे पहले सीजेएम कोर्ट में पेश की गई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नरेंद्र गिरि के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं और मौत दम घुटने से हुई बताया गया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की बात भी आई है।नरेंद्र गिरि के गले पर वी शेप का निशान पाया गया है, जो फंदा लगाने के कारण ही आता है।ऐसे में पुलिस कुछ हद तक निश्चिंत है कि नरेंद्र गिरि ने आत्महत्या की है और उनकी मौत फंदे से लटकने के कारण ही हुई है।



नरेंद्र गिरि की मौत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार दोपहर में तीन से साढ़े तीन बजे के बीच हुई है।इससे यही लगता है कि खाना खाने के बाद आराम करने गए नरेन्द्र गिरि पहले वीडियो बनाया और उसके बाद सुसाइड नोट तैयार कर आत्महत्या कर ली। नरेंद्र गिरि जब काफी देर तक बाहर नहीं आए तो उनके शिष्यों ने दरवाजा तोड़कर देखा तो नरेंद्र गिरि पंखे में रस्सी डालकर फंदे से लटके हुए थे।इसके बाद पुलिस को सूचना दी गयी लेकिन तब तक नरेंद्र गिरि की मौत हो चुकी थी।