नई दिल्ली / रायपुर: अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के चर्चित 'महादेव ऐप' सिंडिकेट के खिलाफ जारी जांच में भारतीय जांच एजेंसियों को एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल सौरभ चंद्राकर को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत ले आई है। प्रत्यर्पण के बाद नियमानुसार उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा, जिसके बाद सीबीआई उसे ट्रांजिट रिमांड पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ले जाएगी, जहाँ उसे विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा।
फर्जी पासपोर्ट पर ओमान में घुसा था चंद्राकर, रेड कॉर्नर नोटिस से कसा शिकंजा
जांच एजेंसियों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर नकली इंडोनेशियाई पासपोर्ट का इस्तेमाल कर ओमान में दाखिल हुआ था। भारतीय एजेंसियों की अपील पर उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस (Red Corner Notice) जारी किया गया था, जिसके आधार पर ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। इसके बाद सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मिलकर ओमान सरकार को औपचारिक प्रत्यर्पण (Extradition) प्रस्ताव भेजा था।
इससे पहले, 2024 में सौरभ चंद्राकर को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की पुलिस ने दुबई में रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर पकड़ा था। हालांकि, उस समय एक्सट्रैडिशन रिक्वेस्ट स्वीकार न होने के कारण उसे रिहा कर दिया गया था। इसके बाद चंद्राकर ने रेड नोटिस को हटाने के लिए इंटरपोल के 'कमीशन फॉर द कंट्रोल ऑफ फाइल्स' में अर्जी दी थी, जिसे इंटरपोल ने खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह वित्तीय अपराध (Financial Crime) से जुड़ा है, न कि किसी राजनीतिक उत्पीड़न से।
हजारों करोड़ का नेटवर्क: क्रिकेट से लेकर फुटबॉल तक अवैध सट्टा
जांच में सामने आया है कि महादेव सिंडिकेट ने देश भर में नेटवर्क फैलाने के लिए टाइगर एक्सचेंज, गोल्ड365 और लेजर247 जैसे कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए हजारों ऑनलाइन बेटिंग 'पैनल' चलाए थे।
- काले धन की हेराफेरी: सट्टेबाजी से जुटाए गए पैसों को फर्जी बैंक खातों (Mule Accounts) और हवाला नेटवर्क के जरिए विदेश भेजा जाता था।
- भ्रष्टाचार के आरोप: सिंडिकेट पर अपने अवैध कारोबार को बेरोक-टोक चलाने के लिए बड़े प्रशासनिक अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देने के गंभीर आरोप हैं।
- संपत्ति जब्ती: ईडी अब तक सौरभ चंद्राकर और उसके सिंडिकेट से जुड़ी 1,700 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अटैच कर चुकी है, जिनमें दुबई के प्रतिष्ठित बुर्ज खलीफा में मौजूद संपत्तियां भी शामिल हैं।
74 आरोपी और 5 चार्जशीट: एजेंसियों का कड़ा रुख
सीबीआई इस पूरे मामले में अब तक दो अलग-अलग मुकदमों में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, वहीं ईडी ने भी विशेष अदालत में 5 चार्जशीट दायर की हैं। इस मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कुल 74 संस्थाओं/व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है।
दूसरी ओर, सौरभ चंद्राकर का सह-संस्थापक रवि उप्पल, जो 2019 में भारत से भागने के बाद दुबई से इस सिंडिकेट को चला रहा था, उसके यूएई छोड़कर प्रशांत महासागरीय देश 'वानुआतू' (Vanuatu) भाग जाने की खबर है। भारतीय एजेंसियां अब उप्पल पर शिकंजा कसने की तैयारी में हैं।
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