मानसिक रोगी भी सामाजिक प्रतिष्ठा के हकदार:जिला जज





दो दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन





पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,धनबाद।झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची द्वारा मानसिक रोगियों के लिए चलाए जा रहे योजना मनोन्याय के तहत मानसिक रोगियों को भी डालसा हर प्रकार की मदद करेगी ताकि उन्हें समाज में हर तरह का मान सम्मान और प्रतिष्ठा मिले।उक्त बातें शनिवार को दो दिवसीय कार्यशाला के समापन के मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार तिवारी ने कही। उन्होंने कहा कि मानसिक रोगी भी सामाजिक प्रतिष्ठा के हकदार हैं।





अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार राकेश रोशन ने कहा कि झालसा एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार वीरेंद्र कुमार तिवारी के निर्देश पर 20 सदस्यीय मनोन्याय इकाई का गठन किया गया है।इसके लिए दो दिवसीय कार्यशाला आयोजन किया गया।टीम में स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष, डिप्टी चीफ लीगल एंड डिफेंस काउंसिल,पैनल अधिवक्ता और पारा लीगल वालंटियर शामिल हैं,जिन्हें दो दिन तक प्रशिक्षित किया गया।





राकेश रोशन ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि जिले में मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों का हनन न हो।टीम का दायित्व होगा कि मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों को त्वरित व सुलभ न्याय, इलाज, सामाजिक प्रतिष्ठा दिलाने में मदद करे।डालसा की टीम दूर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक पहुंच कर ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित करेगी एवं उसे न्याय दिलाने में अपनी सहभागिता निभाएगी ।