नई दिल्ली:

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर करारा हमला बोला है। खरगे ने संसद सत्र के दौरान शीर्ष नेतृत्व की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए सरकार की मंशा पर गंभीर आरोप लगाए।

पत्रकारों से बात करते हुए खरगे ने कहा कि संसद को चलते हुए 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन गृह मंत्री सदन से नदारद हैं और प्रधानमंत्री भी नहीं आ रहे हैं।

"सदन से दूरी के दो ही मतलब हो सकते हैं"

मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी और गृह मंत्री की गैरहाजिरी पर तंज कसते हुए कहा:

"15 दिन से सदन चल रहा है और गृह मंत्री गायब हैं, प्रधानमंत्री आ नहीं रहे हैं। इसके केवल दो ही मतलब हो सकते हैं—या तो वे संसद को पूरी तरह से नजरअंदाज कर रहे हैं और समझ रहे हैं कि संसद का कोई वजूद ही नहीं है, या फिर वे डर की वजह से सदन में आकर सवालों का जवाब नहीं देना चाहते।"
मल्लिकार्जुन खरगे (कांग्रेस अध्यक्ष व विपक्ष के नेता)

छात्रों पर बर्बरता का मुद्दा: "प्रधानमंत्री मांगें माफी, गृह मंत्री दें जवाब"

संसद में गतिरोध और छात्रों के मुद्दों को रेखांकित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश के छात्रों के साथ बर्बरता की गई है। उन पर लाठियां बरसाई गईं और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जो बेहद निंदनीय है।

खरगे ने माँग की कि छात्रों पर हुए इस अत्याचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए और गृह मंत्री को तुरंत सदन में उपस्थित होकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर गृह मंत्री को संसद में आकर आधिकारिक बयान देने में क्या हिचकिचाहट या परेशानी है।

विपक्ष के इस कड़े रुख के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे को लेकर हंगामा और तीखा हो सकता है।