धनबाद।झारखंड के धनबाद जिले में जोगता थाना क्षेत्र के मोदीडीह कोलियरी का नवनिर्मित कोल डंप शुक्रवार को युद्ध के मैदान बन गया।विधायक ढुलू और विधायक मथुरा महतो-पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो के समर्थक वर्चस्व को लेकर शुक्रवार को भिड़ गए।मारपीट के दौरान कोल डंप में भगदड़ मच गई।हालत को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया।मारपीट में एएसआई एतवा खेश, कलावती देवी, सतेरा देवी, सबरा बानो, राजेश बाउरी आदि घायल हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार मोदीडीह-तेतुलमुड़ी कोल डंप में 400 रुपए मजदूरी की मांग पर विधायक ढुलू महतो समर्थित मजदूर 10 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं।प्रवेश मार्ग पर गाड़ियों का आवागमन रोक देते थे।शुक्रवार को भी बंद समर्थक ने गाड़ियों को रोक दिया था।इस बात की जानकारी मिलते ही संयुक्त मोर्चा (मथुरा और जलेश्वर समर्थक) के लोग तेतुलमुड़ी में जुट गए।फिर सभी परिवहन चालू कराने की मांग पर जुलूस की शक्ल में आंदोलन स्थल पहुंच गए।पुलिस ने मोर्चा समर्थकों को कई बार रोकने की कोशिश की।पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई और धक्का -मुक्की होने लगी।मजदूर काफी आक्रोशित थे।
सभी आंदोलन स्थल पर पहुंच कर नारेबाजी करने लगे।इससे दोनों पक्षों की महिला मजदूर और अन्य आमने-सामने आ गए।दोनों ओर की महिलाएं हाथों में झाड़ू लिए हुई थीं।पुलिस दोनों पक्षों के बीच आ गई। इसी बीच कहीं से पत्थरबाजी हो गई और फिर मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान पुलिस से भी धक्का-मुक्की होने लगी। मामला बढ़ता देख पुलिस ने बल प्रयोग कर दोनों पक्षों के लोगों को खदेड़ा। पुलिस द्वारा मोर्चा संभालने के बाद मामला शांत हो गया। दोनों ओर से विभिन्न राजनीतिक दलों के स्थानीय नेता भी शामिल थे।
उम्रदराज महिलाओं ने भी उठा रखा था पत्थर
दोनों पक्ष के टकराव के दौरान महिलाओं ने मोर्चा संभाल रखा था। महिलाएं काफी आक्रोशित थीं। नजारा ये था कि उम्रदराज महिलाओं ने भी हाथों में पत्थर उठा रखा था। हाथों में पत्थर सहित झाड़ू और लाठी भी थी। हालांकि दोनों ओर से पुरुषों ने भी पत्थर चलाया। 50 फीट की दूरी से जहां पुरुष पत्थरबाजी कर रहे थे तो महिलाएं आमने-सामने हाथापाई कर रही थीं।
मां-बेटी आमने-सामने
कोल डंप मामले में एक नेत्री संयुक्त मोर्चा के साथ है जबकि उसकी मां ढुलू महतो समर्थित बंद समर्थकों में शामिल है। जब दोनों पक्ष से टकराव हुआ तो मां-बेटी भी आमने-सामने हो गयी। दोनों हाथों में झाड़ू लेकर भिड़ गईं। वहीं कई नेता पुलिस से भी उलझ गए।
वार्ता के बाद परिवहन हुआ सुचारू
सूचना पाकर पुटकी सीओ शुभ्रा रानी कोल डंप पहुंची। उन्होंने बंद समर्थकों और संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों से वार्ता की, लेकिन वार्ता सफल नही हो पाई। इसके बाद दूसरे दौर की वार्ता हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारियों की मौजदूगी में दोनों पक्षों एवं डीओ धारकों की बैठक सोमवार को होगी। इसके बाद परिवहन सुचारू रूप से प्रारंभ हुआ। विवाद के बीच संयुक्त मोर्चा समर्थित मजदूरों के बीच 260 रुपए की दर से मजदूरी दी जाने लगी है।





