वाराणसी।पूर्व विधायक ललितेशपति त्रिपाठी,पिता पूर्व एमएलसी राजेशपति त्रिपाठी और पांच महिलाओं सहित 42 लोगों के खिलाफ बीते बुधवार को मिर्जापुर शासन के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया है।उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पंडित कमलापति त्रिपाठी के पोते और परपोते के खिलाफ मिर्जापुर में मुकदमा पंजीकृत होने के बाद वाराणसी में कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय ने इस मामले को राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है।राय ने कहा कि भाजपा में शामिल हो जाओ नहीं तो दमन और उत्पीड़न की कार्रवाई सहने के लिए तैयार रहो।इस रणनीति से भाजपा ने कुछ लोगों को जरूर तोड़ा है, लेकिन पूर्व सीएम त्रिपाठी के परिवार को प्रलोभन या उत्पीड़न दोनों नहीं डिगा सकते। मैदागिन पराड़कर स्मृति भवन में मीडिया से वार्ता के बीच कांग्रेस नेताओं ने कहा कि त्रिपाठी परिवार ने एक के इंच भी जमीन पर न तो विधि विरुद्ध कोई कब्जा किया है और न कोई विधि विरुद्ध काम। भूमि गोपालपुर सहकारी समिति लि. की है, जिसे वर्ष 1951 में तत्कालीन जमींदार अमरेश चंद्र और नरेश चंद्र ने पंजीकृत इस्तमरारी पट्टे के माध्यम से समिति सदस्यों को बेचा, जिसे उसी वर्ष गोपालपुर संयुक्त सहकारी कृषि समिति लिमिटेड नाम की सोसायटी में समाहित किया गया था। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वह समिति एवं भूमि आज तक पूर्ण विधिसम्मत ढंग से यथावत है, जिसका लगान हर वर्ष समिति सरकार को देती है। सहकारिता की स्थापित विधियों के अनुरूप समिति का चुनाव हमेशा सरकारी पर्यवेक्षक के सामने होता है और सरकारी सहकारी विधान के मानकों पर काम करती रही है। कांग्रेसजन ने कहा कि कोविड में न्यायिक प्रक्रियायें भी अवरोधित रही हैं और इस बीच आम चुनाव निकट आता देख अचानक दो साल के बाद उसी रेणुका चौधरी कमेटी को आधार बना कर राजनीतिक द्वेष-भाव से मुख्यमंत्री के दबाव पर सक्रिय प्रशासन ने प्राथमिकी करा दी। मुख्यमंत्री ने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर सोसायटी के सदस्यों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का मैसेज करके राजनीति प्रेरित मंसूबे एवं नीयत का परिचय दिया है। अजय राय ने आरोप लगाते हुए कहा कि ज़बरन 9 हजार बीघा जमीन दिखाया जा रहा और 132 एकड़ पर वो एफआईआर की गई है। यह सब केवल उनकी राजनीतिक छवि को धूमिल करने के लिए हो रहा है।राय ने कहा कि दो साल से एसआइटी के द्वारा जांच हो रही है। अब तक उन्हें कोई कमी नहीं मिला पर अब जब यूपी चुनाव में छह महीने बचे है तो यह सब कमी दिखाई दे रही है। जाने क्या है पूरा मामला पूर्व विधायक ललितेश पति त्रिपाठी, पिता पूर्व एमएलसी राजेश पति त्रिपाठी और पांच महिलाओं सहित 42 लोगों के खिलाफ मिर्जापुर में सहायक आयुक्त सहकारिता निबंधक मित्रसेन वर्मा ने भूराजस्व अधिनियम के तहत मड़िहान थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। सरकार की साढ़े नौ हजार बीघा जमीन पर हेरा-फेरी का मामला बताया जा रहा है। आरोप है कि गोपालपुर फार्म हाउस की कुछ जमीन बिना अनुमति के बेच दी थी। उभ्भा कांड के बाद अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार की अध्यक्षता में गठित एसआइटी की जांच में इस भूमि से जुड़ी समिति की भी जांच की गई थी। जमीन के मामले में कार्रवाई करने के निर्देश कुछ दिन दिए गए थे। इसकी जानकारी कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री कार्यालय से संबंधित एक ट्विटर हैंडल के माध्यम से साझा की गई थी। इसी क्रम में बीते बुधवार को मुकदमा दर्ज किया गया।