पूर्वांचल सूर्य ब्यूरो,चतरा। राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम ने चतरा के निजी नर्सिंग होमों का औचक निरीक्षण किया।इस औचक निरीक्षण में कई प्रकार की गड़बड़ियां उजागर हुई।चतरा में निजी नर्सिंग होम की स्थित देख भड़़की राज्य स्वास्थ्य अधिकारी की टीम दोषी निजी नर्सिंग होम संचालकों को क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट सर्टिफिकेट सरेंडर करने को दी सलाह अन्यथा होगी करवाई ।
जांच टीम ने कहा कि अधिकांश अस्पताल,नर्सिंग होम मानक के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं तथा इलाज के दौरान वसूल मनमानी रकम वसूल रहे हैं। जांच करने पर अधिकारियों ने पाया कि अधिकांश चतरा के नर्सिंग होम के द्वारा स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइड लाइन का भी पालन नहीं हो रहा है। अधिकारियों की टीम ने जब रिकॉर्ड दिखाने की बात कही तो निजी नर्सिंग होम संचालको ने राज्य स्वास्थ्य अधिकारी की टीम को कोई मेडिकल रिकार्ड नहीं दिया।
जांच के पश्चात राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम ने निजी नर्सिंग होम संचालकों के साथ सिविल सर्जन कार्यालय में बैठक किया। चतरा जिले में 600 से अधिक क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट सर्टिफिकेट निर्गत।महज 20 नर्सिंग होम संचालक ही बैठक में हुए शामिल हुए।आश्चर्य की बात शक्तिमान के तर्ज पर चतरा के बुजुर्ग डॉक्टर भी निजी नर्सिंग होम में मरीजों का इलाज करने आ जाते हैं।
राज्य स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर बीरेन्द्र प्रसाद तथा स्टेट कन्सन्टेन्ट राहुल कुमार ने नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण किया।भारी गड़बड़ियां पायी।जांच अधिकारी ने बताया कि राज हॉस्पिटल,कुंती हरि सेवा सदन और बस स्टैंड स्थित राज हॉस्पिटल में जांच के क्रम में नर्सिंग होम में सीजीरियन ऑपरेश से डिलेवरी कराए गए महिलाओं को सम्बंधित डॉक्टर का ओटी ड्यूटी रजिस्टर सहित एसेसमेंट डॉक्टर नहीं करते पाए गए।प्रसव के आठ दिन बीत जाने के बावजूद नवजात बच्चे को अब तक वैक्सीन नहीं दिया गया है।तीनों निजी नर्सिंग होम के विरुद्ध सख्त करवाई की बात कही। जांच अधिकारियों की टीम ने चतरा में चलाएं जा रहे नर्सिंग होमो की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान खड़े किए। जांच टीम में शामिल अधिकारियों ने कहा कि अगर इस प्रकार की स्थिति रहेगी तो नर्सिंग होम संचालकों के विरुद्ध नियम संगत कार्यवाही की जाएगी।





