उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में घुसे तेंदुए का पता नहीं चल सका है। सोमवार की पूरी रात तेंदुआ घूमता रहा। वन्य विभाग तेंदुए को पकड़ने में जुटा रहा और हाथ खाली रहा।हालात ये है कि वन विभाग की रेस्क्यू टीम और वन्य प्राणी उद्यान के डॉक्टरों की टीम 50 घंटे सर्च ऑपरेशन के बाद भी तेंदुए को नहीं पकड़ पाई। तेंदुआ आधा घंटे से अधिक समय तक वीएसएसडी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय परिसर में टहलता रहा।शहर में तेंदुए के होने से लोग सहमे हुए हैं।

वन्य जीव संस्थान के विशेषज्ञ ऋषभ पांडे ने बताया कि रविवार को दो पिंजरे लगाए गए थे।एक पिंजरा वीएसएसडी परिसर और दूसरा बैराज की तरफ वाले गेट के पास लगाया गया था। रविवार की रात परिसर के अंदर रेस्क्यू की आठ सदस्यीय टीम दो गाड़ियों में मौजूद थी और टीम तेंदुए का इंतजार ही करती रह गई।

वीएसएसडी डिग्री कॉलेज में दहशत के बीच तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम अब चिड़ियाघर के नर तेंदुए की मदद ले रही है।उसके यूरिन का छिड़काव जंगल में किया गया है।उम्मीद है यूरिन की गंध से मादा तेंदुआ को पकड़ने में मदद मिलेगी।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसी भी जंगली जानवर को पकड़ने के लिए ये तकनीक बहुत कारगर साबित होती हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अधिकारियों से 10 नाइट विजन कैमरे मांगे गए हैं।