अयोध्या। राम नगरी अयोध्या के दीपोत्सव की तरह राम जन्मभूमि परिसर से 25 किलोमीटर दूर नंदीग्राम महोत्सव का आयोजन शुरू है। 29 अगस्त को इसके उद्घाटन सत्र में उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी पहुंच कर सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजनों के साथ दीप प्रज्वलन कर तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ किया। भगवान श्रीराम के भक्त मंदिर निर्माण के साथ राम नगरी में दीपोत्सव का आयोजन की परंपरा को भव्यता के साथ मनाने का कार्य शुरू हुआ था।इसके बाद से राम नगरी में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।पर्यटकों की बढ़ती हुई संख्या को लेकर योगी सरकार ने पर्यटकों की तमाम सुविधाओं को लेकर खाका तैयार किया है।
श्रीराम जन्मभूमि से 25 किलोमीटर दूर भगवान भरत की तपोस्थली नंदीग्राम विकास की परियोजनाओं से दूर रहा।इसे लेकर अब संतों ने नंदीग्राम को विकसित करने के लिए महोत्सव के आयोजन की परंपरा को शुरू किया है।महोत्सव के आज दूसरे दिन धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन किए गए।आज मंगलवार को भव्य दीपोत्सव का आयोजन कर महोत्सव का समापन होगा।इसमें यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शामिल होने वाले हैं।इस आयोजन को लेकर प्रदेश सरकार से मांग की गयी है कि राम नगरी की तरह अब नंदीग्राम को भी विकसित किया जाए। जिससे आने वाले पर्यटकों को रुकने सहित अन्य तमाम सुविधाएं मिल सकें।
मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा कि हिंदू धर्म से जुड़े लोग किसी भी तीर्थ यात्रा पर अयोध्या पहुंचते हैं,तब उन्हें तपोस्थली नंदीग्राम भी आना पड़ता है। लेकिन आज शासन और प्रशासन के द्वारा नंदीग्राम को उपेक्षित किया जा रहा है। बाहर से आने वाले यात्रियों को न ही रुकने की कोई व्यवस्था है और न ही अन्य संसाधन। इसलिए हमारा प्रयास है कि नंदीग्राम का भी विकास हो। इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी वार्ता हुई है। हमारा पूरा प्रयास है कि इस स्थल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाए। इस लिए इस प्रकार के आयोजन की शुरुआत की गई है।





