नई दिल्ली:

देशभर में राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर कर्तव्य और बलिदान की मिसाल बने वीर पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस बलों के अदम्य साहस व सर्वोच्च बलिदान को याद किया। इस खास मौके पर गृह मंत्री ने न सिर्फ शहीदों को नमन किया, बल्कि 'ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई' को लेकर एक देशव्यापी मोटरसाइकिल रैली को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए पुलिस बलों के योगदान की जमकर सराहना की। उन्होंने लिखा:

"पुलिस स्मृति दिवस हमारे पुलिस कर्मियों के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त करने का एक मौका है, जो अक्सर सबसे मुश्किल हालात में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करते हैं। कानून और व्यवस्था बनाए रखने से लेकर अपराध से निपटने और नागरिकों की सुरक्षा पक्का करने तक, उनका योगदान बहुत कीमती है।"

पीएम मोदी ने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी बहादुर पुलिसकर्मियों के साहस और अटूट लगन को देश की यादों में हमेशा अमर बताया।

अमित शाह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना की बाइक रैली

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने 'ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई' थीम के तहत आयोजित देशव्यापी मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाई।

  • रैली का स्वरूप: इस बाइक रैली में नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 90 राइडर्स के अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और केंद्रीय पुलिस संगठन (CPO) के कर्मी शामिल हैं।
  • यात्रा का मार्ग और समापन: यह राइडर्स विभिन्न राज्यों से होते हुए गुजरात के एकता नगर पहुंचेंगे। वहां वे 31 अक्टूबर को देश के पहले गृह मंत्री सरदार
  • वल्लभभाई पटेल की जयंती (राष्ट्रीय एकता दिवस) के अवसर पर आयोजित होने वाली भव्य एकता परेड में हिस्सा लेंगे।

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क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस?

हर साल 21 अक्टूबर को राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस उन वीर जवानों की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में भारी हथियारों से लैस चीनी सैनिकों के हमले का डटकर मुकाबला करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।

राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के डायरेक्टर डॉ. महेश दीक्षित ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान आंकड़े साझा करते हुए बताया गया कि:

  • पिछले एक साल के दौरान देश की सेवा में 154 पुलिसकर्मियों ने अपनी जान गंवाई है।
  • वहीं, देश की आजादी के बाद से अब तक कुल 36,852 पुलिसकर्मी कर्तव्य पथ पर बलिदान हो चुके हैं।

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