मुंबई:

भारत के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर पहुँचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने मंगलवार को मुंबई में भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद एक प्रेस वार्ता में रुबियो ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर कई अहम खुलासे किए।

ट्रेड डील पर जल्द आ सकती है खुशखबरी

दोनों देशों के बीच लंबे समय से अटकी ट्रेड डील को लेकर मार्को रुबियो ने बेहद सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि विदेश विभाग सीधे तौर पर व्यापार समझौतों पर बातचीत नहीं करता, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और वे इस प्रक्रिया में पूरी तरह शामिल हैं।

रुबियो ने स्पष्ट करते हुए कहा, "हम इस समझौते के बेहद करीब हैं। मुझे लगता है कि कुछ ही चीजें बाकी हैं जिन्हें अंतिम रूप देना है। हम बहुत आशावादी हैं कि बहुत जल्द इस मामले में कुछ ठोस कदम उठाएंगे और जल्द ही अच्छी खबर की घोषणा कर समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।"

ऊर्जा सुरक्षा और वेनेजुएला के तेल पर चर्चा

बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा सहयोग को लेकर भी विस्तार से बातचीत हुई। अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत की रिफाइनिंग क्षमताओं की जमकर सराहना की।

उन्होंने कहा कि भारत रिफाइनिंग के मामले में एक महाशक्ति है और उसके पास भारी कच्चे तेल को परिष्कृत करने की असाधारण क्षमता है। वेनेजुएला के संदर्भ में बात करते हुए रुबियो ने कहा, "भारत के पास वेनेजुएला में पहले से ही तेल रियायतें मौजूद हैं। जैसे-जैसे वेनेजुएला से और अधिक तेल उपलब्ध होगा, भारत दुनिया की ऊर्जा मांग को पूरा करने में एक अहम भूमिका निभा सकता है। प्रतिबंधों से जुड़ी कुछ तकनीकी रुकावटें हैं, जिन्हें हमें मिलकर सुलझाना होगा, लेकिन भारत इसके लिए पूरी तरह तैयार और इच्छुक नजर आता है।"

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भारत के साथ संबंधों को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

अपनी भारत यात्रा के अनुभव साझा करते हुए मार्को रुबियो ने भारत के साथ संबंधों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय विदेश मंत्री इस साल चार बार अमेरिका का दौरा कर चुके हैं, जो दोनों देशों के बीच गाढ़े होते रिश्तों का प्रमाण है।

उन्होंने भारत की तारीफ करते हुए कहा, "यह दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश और सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यह अमेरिका का एक महत्वपूर्ण वाणिज्यिक और व्यावसायिक साझेदार है। हम रक्षा क्षेत्र में गहरा सहयोग साझा करते हैं और यह क्वाड का एक प्रमुख सदस्य है। हमारा मानना है कि हमें इस साझेदारी को और मजबूत करने के लिए ऐसे दौरों का दायरा और बढ़ाना चाहिए।"

यूक्रेन युद्ध और पैट्रियट मिसाइलों पर स्पष्टीकरण

मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए मार्को रुबियो ने रूस-यूक्रेन युद्ध का भी जिक्र किया। उन्होंने उन मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि ट्रंप प्रशासन उन देशों से यूक्रेन को 'पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों' के हस्तांतरण की अनुमति नहीं दे रहा है, जिन्होंने अमेरिकी हथियार खरीदे हैं। रुबियो ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन को जानबूझकर किसी भी रक्षात्मक चीज से वंचित नहीं किया जा रहा है और ट्रंप प्रशासन यूक्रेन को किसी भी तरह का नुकसान पहुँचाने के आरोपों से बेहद निराश है।

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