धनबाद।झारखंड का खूबसूरत शहर धनबाद को बदसूरत बनाने की तैयारी में नगर निगम जुटा है।शहर की मुख्य सड़कों पर नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए यूनिपोल (होर्डिंग्स) खड़े किए जा रहे हैं।कहीं पर 20 मीटर तो कहीं पर 30 मीटर की दूरी पर यूनिपोल खड़े किए जा रहे हैं।नगर निगम अपनी चेहेती एजेंसियों को लाभ पहुंचाने के लिए रेवड़ियों की तरह यूनिपोल बांट रहा है।आठ किलोमीटर के शहर में 134 यूनिपोल खड़े कर दिए गए हैं।
धनबाद की तीन मुख्य सड़कों पर नगर निगम ने यूनिपोल लगाने की अनुमति देने में गजब की दरियादिली दिखाई है। नगर निगम राजस्व बढ़ाने का हवाला देकर यूनिपोल लगाने की अनुमति दी है।इससे खूबसूरत शहर की सूरत बिगड़ रही है, लेकिन निगम के अधिकारियों को इससे कोई मतलब नहीं है। दुर्गापूजा के बाजार को देखते हुए नगर निगम ने धड़ाधड़ यूनिपोल लगाने की अनुमति होर्डिंग एजेंसियों को दे दी है।
होर्डिंग एजेंसियों ने खूबसूरत शहर को विज्ञापन का केंद्र बना डाला है।कुछ दिन पहले ही आईआईटी गेट के पास यूनिपोल लगाने के लिए नींव खोदी गई।इससे कॉलेज का मेन गेट ही ढक जाएगा।आश्चर्य की बात है कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस पर मौन धारण किए हुए हैं।नगर निगम को एक यूनिपोल से सालाना 90 हजार से एक लाख रुपए तक का राजस्व मिलता है।
सहायक नगर आयुक्त प्रकाश कुमार ने कहा कि यूनिपोल का सर्वे हो रहा है।चैंबर की कुछ आपत्ति है और उसकी भी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि आईएसएम के पास किसी को यूनिपोल लगाने की अनुमति नहीं दी गई है।वहां पर किसने नींव खोदी है,इसकी जांच होगी। नियम की अवेहलना कर यूनिपोल लगाने वाली एजेंसियों पर कार्रवाई होगी। किसी को मनमानी की छूट नहीं है।
नगर निगम राइजिंग एजेंसी पर मेहरबान
नगर निगम होर्डिंग एजेंसी राइजिंग पर मेहरबान है।पिछले एक वर्ष में इस कंपनी को 44 जगहों पर होर्डिंग लगाने की अनुमति दी गई। नगर निगम के एक पूर्व अधिकारी के नजदीकी माने जाने वाली कंपनी ने इसका फायदा उठाया और दो होर्डिंग के बीच में जगह निकाल कर शहर में अपना यूनिपोल खड़ा करना शुरू कर दिया।
बिग बाजार, बैंक मोड़ और धैया में सर्वाधिक
नगर निगम ने बिग बाजार, बैंक मोड़ और धैया के प्रभातम मॉल के पास सबसे ज्यादा यूनिपोल लगाने की अनुमति दी है। यहां सड़क पर जहां तक नजर जा रही है,वहां तक सिर्फ यूनिपोल ही दिखाई दे रहे हैं। एक यूनिपोल दूसरे यूनिपोल को ढंकने की पूरी कोशिश कर रहा है। आनेवाले दिनों में यह दो एजेंसियों के बीच विवाद की भी बड़ी वजह बन कर सामने आएगा।





