लेह / नई दिल्ली: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में शराब की दुकानों और बार को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता (क्लाइमेट एक्टिविस्ट) सोनम वांगचुक और लद्दाख प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। वांगचुक ने आरोप लगाया है कि लद्दाख में स्कूलों और रिहायशी इलाकों के आसपास शराब की बिक्री बढ़ाई जा रही है और हर गली-मोहल्ले में बार खोले जा रहे हैं। वहीं, लद्दाख प्रशासन ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि पूरे लद्दाख में फिलहाल सिर्फ एक ही शराब की दुकान संचालित हो रही है।

इस विवाद ने लद्दाख की संस्कृति, युवाओं के भविष्य, नशे की समस्या और पर्यटन आधारित रोजगार से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

सोनम वांगचुक के क्या थे गंभीर आरोप?

सोनम वांगचुक ने 22 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित लद्दाख भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट शेयर कर प्रशासन पर तीखे हमले बोले थे:

  • उन्होंने लद्दाख के उपराज्यपाल (LG) वी.के. सक्सेना पर आरोप लगाया कि वे ‘लद्दाख में ड्रग्स के खतरे से निपटने के नाम पर लगातार शराब की बौछार’ कर रहे हैं।
  • वांगचुक का कहना था कि लद्दाख में जगह-जगह शराब की दुकानें और बार खोलकर संस्कृति और युवा पीढ़ी को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
  • इन आरोपों के बाद स्थानीय महिला समूहों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी शराब बिक्री और नई आबकारी नीति के विरोध में मोर्चा खोल दिया।

प्रशासन की सफाई: पुरानी नीति लागू, सिर्फ एक दुकान चालू

लद्दाख प्रशासन ने वांगचुक के दावों को पूरी तरह से गलत, भ्रम फैलाने वाला और आधिकारिक रिकॉर्ड के विपरीत बताया है। प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए निम्नलिखित तथ्य साझा किए:

  1. आबकारी नीति 2026-27 वापस ली गई: लद्दाख प्रशासन ने नई आबकारी नीति 2026-27 को 1 जून 2026 से लागू करने की घोषणा की थी, जिसमें बिक्री के नए रास्ते खोलने का प्रस्ताव था। हालांकि, जनता, स्थानीय संगठनों और महिला समूहों की आपत्तियों और फीडबैक का सम्मान करते हुए उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने 26 अगस्त को इस नीति को वापस ले लिया और पुरानी आबकारी नीति (2025-26) को पुनः लागू कर दिया।
  2. शराब की दुकानों की स्थिति: पुरानी नीति के तहत लेह में दो शराब की दुकानों की अनुमति थी, लेकिन नीलामी प्रक्रिया के बाद केवल एक ही दुकान चालू हो पाई। वर्तमान में पूरे लद्दाख क्षेत्र में केवल एक आधिकारिक शराब की दुकान संचालित है।
  3. होटल और रेस्टोरेंट लाइसेंस के आंकड़े:
    • लद्दाख में रेस्टोरेंट से जुड़े कुल 50 शराब बिक्री केंद्र (ऑन-साइट उपभोग) चल रहे थे—जिनमें लेह में 38, नुब्रा में 7, जांस्कर में 3 और चांगथांग में 2 केंद्र शामिल हैं।
    • इसके अलावा, लेह में केवल 2 बीयर बार चल रहे हैं।
    • लेह में 9 होटलों के पास शराब परोसने का लाइसेंस है, जिनमें से 4 लाइसेंस इसी वर्ष दिए गए हैं। वहीं नुब्रा के 1 होटल को भी इस साल लाइसेंस मिला है।

प्रशासन ने जोर देकर कहा कि सभी लाइसेंस तय नियमों, मापदंडों और सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने के बाद ही दिए जाते हैं।

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पूर्ण शराबबंदी की मांग बरकरार

प्रशासन द्वारा नई नीति वापस लेने और आंकड़ों से स्पष्टीकरण देने के बावजूद, लद्दाख के स्थानीय सामाजिक संगठन और महिलाएं आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। उनकी मांग है कि लद्दाख की नाजुक पारिस्थितिकी (Ecology) और सांस्कृतिक ताने-बाने को बचाए रखने के लिए क्षेत्र में पूर्ण शराबबंदी लागू की जानी चाहिए।

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