वनाधिकार अधिनियम 2006 के क्रियान्वयन के संबंध में कार्यशाला आयोजित





आंख बंद कर आवेदन रिजेक्ट न करें: राहुल कुमार सिन्हा





पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,रांची।समेकित जनजाति विकास अभिकरण की ओर से अबुआ बीर अबुआ दिशोम अभियान वनाधिकार अधिनियम 2006 के क्रियान्वयन के संबंध में परिचर्चा हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया।





मोरहाबादी स्थित आर्यभट्ट सभागार में आयोजित कार्यशाला में उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी राहुल कुमार सिन्हा ने अधिनियम के उद्देश्य एवं प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक जानकारी दी।इस दौरान परियोजना निदेशक आईटीडीए रांची अनुमण्डल पदाधिकारी बुण्डू,ज़िला के सभी अंचल अधिकारी, सिविल सोसाईटी संगठन (सीएसओएस) प्रतिनिधि,सभी प्रखण्ड कल्याण पदाधिकारी,प्रखण्ड कल्याण पर्यवेक्षक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी,कर्मी उपस्थित थे।





कार्यशाला में ट्रेनिंग एक्सपर्ट सुधीर पॉल, डॉक्टर मनोहर चौहान और अंकुर रोशन ने वन अधिकार समिति के रोल,पट्टा के लिए आवेदन की प्रक्रिया,आवश्यक साक्ष्य,सत्यापन एवं सीमांकन के बारे पीपीटी के माध्यम से विस्तार से जानाकारी दी।





उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी राहुल कुमार सिन्हा ने कहा कि जंगल में निवास करने वाले परंपरागत वन निवासियों के अधिकारों के लिए सारी विवेचना इस अधिनियम के अंतर्गत की गई है। पिछले 20 सालों में प्रगति हुई,अच्छी खासी आबादी को इस अधिनियम के तहत लाभ दिया गया,लेकिन तकनीकी कारणों की वजह से कुछ लोगों को उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा था उसे कैसे ठीक किया जाए इसे लेकर यह कार्यशाला का आयोजन किया गया है।





उपायुक्त ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी वन अधिकार समिति और ग्राम सभा है। ग्राम सभा पूरी व्यवस्था के केंद्र में है। ग्राम सभा का दायित्व है कि वह तय करें कि उनके क्षेत्र में व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से पट्टा प्राप्त करने के लिए कौन योग्य है। प्राप्त आवेदन पर किस तरह से अग्रेतर कार्यवाही की जानी है।इसके बारे में उपायुक्त द्वारा प्रकाश डाला गया।





कार्यशाला के दौरान उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने कहा कि ग्राम समिति द्वारा जो आवेदन प्राप्त होते हैं उन्हें अधिकारी आंख बंद कर रिजेक्ट न करें। दस्तावेजों के सत्यापन और फील्ड वेरिफिकेशन करें। किसी आवेदन को रिजेक्ट करने से पहले प्रिंसिपल ऑफ नेचुरल जस्टिस का पालन करते हुए आवेदक को सुनवाई का मौका दें ताकि समय सीमा में वो अपना पक्ष नहीं रख सके तो आवेदन को रद्द करने के प्रक्रिया प्रारंभ की जा सके।





उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने कहा कि ट्रेनर्स के ज्ञान का लाभ उठाएं और मजबूत इच्छाशक्ति जागृत कर अपने दायित्वों का अधिकारी निर्वहन करें। उपायुक्त ने विश्वास जताया कि कार्यशाला के बाद अबुआ वीर अबुआ दिशोम अभियान में तेजी आएगी। वनपट्टा वितरण में जो कमी रही है उसे इस अभियान के तहत पूरा करना ही मुख्य उद्देश्य है।