रांची।झारखंड विधानसभा में मानसून सत्र के तीसरे दिन प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने वेल में पहुंचकर जोरदार हंगामा किया।विधानसभा स्पीकर रबींद्र नाथ महतो के प्रवेश करते ही भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने उनका स्वागत अध्यक्ष जी जय श्रीराम कह कर किया और इस पर स्पीकर बहुत आहत हो गये।इस पर स्पीकर ने विरोध के इस तरीके को लेकर कड़ी आपत्ति जताई।स्पीकर ने यहां तक कह डाला कि विपक्ष अगर उनसे गुस्सा है तो मार लें, लेकिन आसन की गरिमा में खरोच सहन नहीं की जाएगी और आसन को फुटपाथ न बनाएं।स्पीकर ने कहा कि विपक्ष के विरोध से ऐतराज नहीं है,लेकिन तरीका गलत है, आसन मजाक का पात्र नहीं है। भाजपा के कई विधायक भगवा रंग का कपड़ा, माथे पर चंदन और टीका लगाकर सदन में पहुंचे थे।स्पीकर जैसे ही आसन पर आए उनका स्वागत जय श्री राम से किया।स्पीकर ने इसे गंभीरता से लिया और उपरोक्त अंदाज में पेश आए तभी स्पीकर को आहत होते देख सत्ता पक्ष के विधायक भी वेल में आ गए। इस दौरान दोनों पक्षों में नोकझोंक होने पर मंत्रियों ने बीच बचाव करना पड़ा। स्पीकर ने कहा कि वह विपक्ष के विरोध से तकलीफ नहीं है।आसन से विरोध के तरीके से वो दुखी हैं।विपक्ष किस पाठशाला की पढ़ाई पढ़ा रहा है, ये समझ से परे है।स्पीकर ने कहा कि आसन मजाक का पात्र नहीं है। विपक्ष को मर्यादा और विधानसभा की परंपरा के तहत विरोध करना चाहिए। स्पीकर ने विपक्ष को आसन पर लौटने के लिए बोला। स्पीकर ने विपक्ष से कहा कि एक दिन पहले विपक्ष के एक सदस्य सचिव के टेबल पर चढ़ गए, महिला कर्मी को हटाकर उनकी कुर्सी पर चढ़े और संसदीय व्यवस्था को तार-तार कर दिया तब भी कुछ नहीं कहा बल्कि वो विपक्ष के साथ खड़े रहे।स्पीकर ने कहा कि वो भी इंसान हैं, उन्हें भी दुख होता है। विधानसभा राज्य की सर्वोच्च संस्था है। इसकी मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। भाजपा के वरिष्ठ सदस्य सीपी सिंह ने स्पीकर से कहा कि उन्होंने काफी भावनात्मक बातें की,लेकिन विपक्ष के 26 विधायकों का दिल उस समय दुखता है जब वह अध्यक्ष की एक आंख में सूरमा और एक में काजल देखते हैं। क्या विपक्ष के दुख को कभी आसन ने समझा। इस बीच सत्ता पक्ष से स्टीफन मरांडी ने कहा कि झारखंड विधानसभा के इतिहास में कभी नहीं देखा कि आसान से स्पीकर दो दिन खड़े हुए लेकिन विपक्ष के सदस्य नही बैठे।स्पीकर के खड़े होते ही सभी सदस्यों को बैठ जाने की परंपरा रही है और इसे विपक्ष ने इसे तोड़ा है। हंगामे के बीच स्पीकर ने भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही से हनुमान चालिसा का सम्मान करने और राजनीतिक फायदे के लिए इसका इस्तेमाल न करने को कहा।स्पीकर ने कहा कि वो कामना करते हैं कि बजरंगबली आंदोलनकारी विधायकों को सदबुद्धि दें।स्पीकर ने बीच-बीच में भानु प्रताप शाही से पूछा कि हनुमान चालीसा बल, बुद्धि के लिए पढ़ा जाता है। इसे पढ़ने की विधि, स्थान की जानकारी भी होनी चाहिए। विपक्ष के हंगामे के कारण 11:31 बजे कार्यवाही 12:30 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
विधानसभा में बोले स्पीकर,मुझे मार लो पर आसन पर खरोच सहन नही
विधानसभा में बोले स्पीकर, मुझे मार लो पर आसन पर खरोच सहन नही <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

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