प्रतिनिधि,जमशेदपुर। व्यवहार न्यायालय जमशेदपुर में शनिवार नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 7,528 मामलों का निष्पादन किया गया और जिससे 33 करोड़ 98 लाख 94 हजार 514 रुपए राजस्व की प्राप्ति भी हुई। इस दौरान नेशनल लोक अदालत का उदघाटन व्यवहार न्यायालय जमशेदपुर के लोक अदालत हाल में विधिवत रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। मौके पर बतौर मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा, विशिष्ठ अतिथि प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय अमितेश लाल, स्टेट बार कौंसिल के उपाध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ल, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लाला अजित राय अंबष्ट, डालसा सचिव नितीश निलेश सांगा समेत अन्य उपस्थित रहे। वहीं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज के वर्तमान समय मे लोक अदालत का बहुत बड़ा महत्व है। इसके माध्यम से लोग अपने मामलों का त्वरित समाधान पाकर समय और पैसा दोनों की बचत कर सकते हैं। इसी तरह स्टेट बार कौंसिल के उपाध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ल ने कहा कि समझौता द्वारा मामले का निष्पादन करने के लिए लोक अदालत एक बेहतर मंच है। उन्होंने कहा कि नालसा, झालसा और डालसा समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने में काफी मददगार साबित हुई है।
नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक मामले के समाधान के लिए जमशेदपुर न्यायालय में कुल 14 बेंचों का गठन किया गया था। साथ ही घाटशिला न्यायालय मे 3 बेंच भी गठित की गई थी। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव नीतीश निलेश सांगा ने बताया कि सुलह योग्य सभी प्रकृति के मामलों का नेशनल लोक अदालत में निपटारा किया गया, जिसमें मुख्य रूप से वन अधिनियम, बिजली अधिनियम, माप-तोल अधिनियम, उत्पाद अधिनियम, बैंक ऋण, चेक बाउंस, श्रम अधिनियम, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, मोटरयान दुर्घटना मुआवजा, भूमि अधिग्रहण से संबंधित वाद, खान अधिनियम, पारिवारिक वाद, सुलह योग्य आपराधिक और दीवानी मामले आदि के मामले शामिल है। इस नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने में कोर्ट कर्मचारी के साथ साथ पैनल लॉयर्स एवं पीएलवी की अहम भूमिका रही।





