पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,पाकुड़। शहर को जाम से मुक्त और बाइक की चोरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य को लेकर नगर परिषद की ओर से शहर के तीन जगहों पर दो पहिया पार्किंग जोन बनाया गया था। यह पार्किंग जोन शहर के कोर्ट स्थित अनुमंडल कार्यालय के प्रांगण, नगर थाना के सामने, टीन बंगला में संयोजित किया गया था, जिसका उद्घाटन पूर्व अनुमंडल पदाधिकारी हरिवंश पंडित तथा नगर थाना के सामने नगर थाना प्रभारी सह प्रशिक्षु डीएसपी अजय आर्यन के द्वारा किया गया था। इस पार्किंग में प्रति दो पहिया वाहन का तीन घंटे का शुल्क मात्र पांच रुपए निर्धारित है, लेकिन नगर परिषद की उदासीनता के कारण आज तक इसे लागू नहीं करवा पाया। आज भी कोर्ट परिसर में सड़क किनारे दो पहिया वाहन का तादाद पूरा दिन लगा रहता है, जिससे आए दिन जाम का माहौल बना रहता है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
नगर थाना के सामने पार्किंग स्थल पर सब्जी और फलों की दुकान दिन भर लगी रहती है, जिससे सुबह से लेकर रात तक सड़क किनारे वाहन और भीड़ लगी रहती है।ज्ञात हो कि इस स्थान से नगर परिषद के कर्मी भी खरीददारी करते आए दिन दिख जाते है। बस अतिक्रमण के नाम पर समय-समय पर अभियान जरूर चलाती है उसके बाद फिर वही हाल। वहीं इस संबंध में दो पहिया स्टैंड के लेसी ने कहा कि वाहन लगता ही नहीं है, कोर्ट परिसर में कोई सुनता नहीं है, उनके द्वारा कई बार नगर परिषद सहित अनुमंडल पदाधिकारी, नगर थाना में गुहार लगाया गया। ड्राइव के लिए,लेकिन पहल नहीं हुआ, उन्होंने कहा कि एक महीना स्टाफ रखे, जिसे अपने जेब से महीना का वेतन देना पड़ा। सवाल आखिर ऐसी योजना बनाकर क्या फायदा जब इसे कड़ाई से लागू विभाग करवाने में विफल हो। जरूरत है इस विषय पर नगर परिषद को शक्ति से पहल करने की ताकि शहर को जाम से मुक्ति मिले और जिस मकसद से पार्किंग बना है, वो सफल हो।





