प्रतिनिधि, मेदिनीनगर( पलामू)। भारत के महान प्रोफेस शिक्षाविद पद्मश्री डॉक्टर एचसी वर्मा अपने कार्यक्रम के सिलसिले में पलामू दौरे पर थे। इस क्रम में सेमिनार सहित पलामू की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के विभिन्न मुद्दों पर अपना मार्गदर्शन दिया।इसी कड़ी में वे संत मरियम स्कूल के शिक्षकों के साथ संगोष्ठी में शामिल हुए।





उपस्थित शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रो. एचसी वर्मा ने कहा कि बच्चे अगर देश के भविष्य है तो शिक्षक उनके पारखी है।जहां बच्चे विद्यालयी शिक्षा का केंद्र होते हैं, बच्चों में ज्ञानार्जन सुनिश्चित करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका एक अध्यापक की होती है। शिक्षण के दौरान एक शिक्षक रचनात्मकता का उपयोग करता है ताकि छात्र ध्यान केंद्रित कर सकें।अपनी सोचने की बेहतर क्षमता का विकास कर सकें। एक शिक्षक ज्ञान का भंडार होता है और उसमें बहुत धैर्य और विश्वास होता है जो छात्रों के भविष्य की जिम्मेदारी लेता है। शिक्षक प्रत्येक बच्चे की क्षमता का निरीक्षण करता है और तदनुसार उस बच्चे को उसकी पढ़ाई में मदद करता है। इस दुनिया में शिक्षक के पेशे को सबसे अच्छा और आदर्श पेशा माना जाता है। क्योंकि शिक्षक निस्वार्थ रूप से किसी का जीवन बनाने में सेवा करते हैं। उनके समर्पित कार्य की तुलना किसी अन्य कार्य से नहीं की जा सकती।शिक्षक को कभी उनके कार्य का वेतन नही दिया जा सकता है।राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों का योगदान का कोई मूल्य नहीं है।आदर्श शिक्षक बनने के साथ साथ प्रो वर्मा ने शिक्षण की विभिन्न शैली सहित अनेक तथ्यों पर अपने अनुभवों को साझा किया ।





आगे प्रो. एचसी वर्मा ने स्कूल के चेयरमैन अविनाश देव का प्रशंसा करते हुए कहा कि पलामू जैसे सुदूरवर्ती इलाके में शिक्षा के क्षेत्र बेहतर परिवर्तन के लिए अविनाश देव बधाई के पात्र है । अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित आवासीय परिसर, बेहतरीन शिक्षकों की टीम के बदौलत निश्चित तौर पर आने वाले समयों में संत मरियम पूरे भारत में एक प्रसिद्ध स्कूल के रूप में अपना पहचान कायम करेगी ।