प्रतिनिधि,जमशेदपुर। बिस्टुपुर ओ रोड स्थित कार्यालय में रविवार की दोपहर सांसद विद्युत वरण महतो ने 2023-24 ने आम बजट को लेकर एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया। वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि शौचालय बनवाने की बात पर सदन में विपक्षी हंस रहे थे। उन्होंने कहा कि दुनिया चांद पर पहुंच गई है और आप अब भी शौचालय पर ही अटके हैं। जिसपर हमने कहा कि 65 सालों तक सरकार में रहकर आपने किया क्या है। इस बात पर विपक्षियों की बोलती ही बंद हो गई। वहीं उन्होंने कहा कि आम बजट 2023-24 में समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया बजट है और जो खासकर गांव, गरीबों, किसानों, महिलाओं, आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों, शोषितों, वंचितों, दिव्यांगजनों, आर्थिक रूप से पिछड़े तथा मध्यम वर्ग के लोगों को सशक्त और सक्षम बनाने वाला है। देश के जन-जन और हर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के प्रति समर्पित आम बजट के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ साथ वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र की समस्त जनता अपनी ओर से हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन करती है। यह अमृत काल का पहला बजट है। साथ ही यह आगामी 25 वर्षों का आधार बजट है। जो भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती एवं स्थिरता प्रदान करने वाला है। देश की आजादी के 75वें साल में दुनिया ने भारतीय अर्थव्यवस्था को एक चमकता सितारा माना है। चालू वर्ष का हमारा आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत पर होने का अनुमान लगाया गया है। जबकि वर्ष 2027 तक भारत, जापान, जर्मनी जैसे देशों को पीछे छोड़ते हुए भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह महज वर्ष 2023-24 के डेवलपमेंट का एजेंडा नहीं है। बल्कि देश के लिए विकसित अर्थव्यवस्था की बुनियाद रखने वाला ब्लू प्रिंट है। बजट के माध्यम से मध्यम वर्ग के नौकरी पेशा लोगों को बड़ी राहत दी गई है। अब नौकरी पेशा लोगों को 7 लाख रुपए सालाना की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। साथ ही टैक्स स्लैब को भी घटा कर 5 तक सीमित कर दिया गया है। इस बजट की 7 (सप्तर्षि) प्राथमिकताएं हैं। जिसमें समावेशी विकास, अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना, अवसंरचना एवं निवेश, क्षमता को सामने लाना, हरित विकास, युवा शक्ति और वित्तीय क्षेत्र शामिल है। केन्द्र सरकार द्वारा महिला सम्मान विकास पत्र जारी करने एवं महिलाओं को अब 2 लाख रुपए की बचत पर सालाना 7.5 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए सेविंग्स एकाउंट में रखी जाने वाली रकम की लिमिट को भी 4.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 9 लाख रुपए करने का निर्णय भी एक अच्छी पहल है। साथ ही वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की लिमिट को भी 15 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपए कर दिया गया है। ये योजनाएं महिला सशक्तिकरण और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। रेलवे के लिए 2 लाख 40 हजार करोड़ रुपए का बजट दिया गया है और जो कांग्रेस की यूपीए सरकार 2013-14 के समय के बजट से 9 गुना अधिक है। प्रधानमंत्री आवास योजना के बजट को बढ़ाकर 69 हजार करोड़ रुपए कर दिया गया है। पीएम आवास योजना में 66 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाती है कि सरकार गरीबों के लिए कितनी संवेदनशील है। उक्त योजना के तहत बड़े पैमाने पर झारखण्ड के गरीब परिवारों को आवास मिल सकेगा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत केंद्र सरकार ने 80 करोड़ से भी अधिक लोगों को मुफ्त राशन मुहैया कराने की विशेष योजना 28 महीनों तक चलाई। इस बजट में सरकार ने 1 जनवरी 2023 से पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत सभी अंत्योदय एवं प्राथमिकता वाले परिवारों को मुफ्त राशन देने की योजना को अगले एक साल तक बढ़ाने की घोषणा की है। जिसपर 2 लाख करोड़ रूपए खर्च वहन किया जाएगा। आज दुनिया की निगाहें भारत पर टिकी हुई है। चूंकि भारत ने जी-20 की अध्यक्षता संभाली है और जिसकी बैठक झारखंड की राजधानी रांची में 23 मार्च 2023 को होनी है और जो हम सभी के लिए गौरव की बात है। केंद्र की मोदी सरकार ने देश के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लाभ के लिए प्रधानमंत्री पीवीटीजी विकास मिशन शुरू किया है। मोदी सरकार द्वारा इस योजना के लिए कुल 15 हजार करोड़ का बजटीय परिव्यय आवंटित किया गया है। सरकार का लक्ष्य पीवीटीजी परिवारों और बस्तियों को सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, सड़क और दूरसंचार कनेक्टिविटी और स्थाई आजीविका के अवसरों जैसी बुनियादी सुविधाओं से परिपूर्ण करना है। यह विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों के उत्थान में सहायक होगा। जिनकी जरूरतों को मोदी सरकार द्वारा वर्ष 2014 से लगातार पूरा किया जा रहा है। साथ ही मोदी सरकार ने निर्णय लिया है कि पूरे देश में 740 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के लिए कुल 38,800 शिक्षण और सहायक कर्मचारियों की भर्ती भी की जाएगी।जिसके तहत देश के लगभग 3.5 लाख आदिवासी छात्र इन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में अध्ययन करेंगे। यह औपचारिक शिक्षा का लाभ प्राप्त करने में उन्हें सक्षम बनाकर देश में जनजातीय समुदायों के विकास और वृद्धि को गति प्रदान करेगा।सरकार ने देश के आदिवासी बाहुल क्षेत्रों को विशेष रूप से लाभान्वित करने के लिए देश में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के निर्माण पर विशेष बल दिया है। जबकि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत मोदी सरकार 11.7 करोड़ से अधिक घरेलू शौचालयों का निर्माण करने में सक्षम रही है। स्वच्छ भारत मिशन द्वारा केवल घरेलू शौचालय प्रदान करना ही नहीं बल्कि देश के गांवों को अपने सूखे कचरे और गीले कचरे के प्रबंधन के लिए सक्षम बनाने में भी सफलता प्राप्त हुई है। उज्जवला योजना ने 9.6 करोड़ से अधिक परिवारों को गैस कनेक्शन प्राप्त करने में सक्षम बनाया है। कोविड महामारी से लड़ने के लिए 220 करोड़ से अधिक वैक्सीन की खुराक प्रदान की गई है। इसी तरह प्रधानमंत्री जन-धन योजना विश्व की अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन योजनाओं में से एक है। मोदी सरकार ने जन-धन योजना के माध्यम से देश के कई नागरिकों को बैंकिंग प्रणाली तक पहुंचाने का काम किया है। योजना द्वारा कुल लगभग 47.8 करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं। अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट सतत विकास और आजादी के 100 साल बाद भारत की परिकल्पना का बजट है। इस आम बजट को बुद्धिजीवियों और अर्थशास्त्रियों ने भी सराहा है।





