विशेष संवाददाता,रांची।भारत ने विशेषकर दिव्यांग जनों के रोजगार के लिए समान अवसर प्रदान करने के लिए समर्पित लोगों तथा संगठनों के प्रयासों को पहचान देकर इस क्षेत्र में समावेशिता को आगे बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की। 24वें एनसीपीईडीपी-एलटीआई माइंडट्री हेलेन केलर अवार्ड में ऐसे 16 दूरदर्शी लोगों को सम्मानित किया गया जिन्होंने भारत के कार्यबल को विविधता प्रदान करने तथा उनमें समावेशिता लाने के लिए एवं साथ ही दिव्यांग जनों को मुख्यधारा की श्रमशक्ति में एकीकृत करने के लिए उत्कृष्ट योगदान दिया है।दिव्यांगता के क्षेत्र में अत्यंत प्रतिष्ठित ये अवार्ड उन लोगों की सराहना करने का एक मंच हैं जो समावेशी रोजगार परिदृश्य का निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत के अग्रणी अंतर-दिव्यांगता प्रचार संगठन नेशनल सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ़ एम्प्लॉयमेंट फॉर डिसेबल्ड पीपल (NCPEDP), तथा वैश्विक प्रौद्योगिकी परामर्श एवं डिजिटल समाधान कंपनी एलटीआई माइंड ट्री के एनसीपीईडीपी-एलटीआईमाइंडट्री हेलेन केलर अवार्ड की घोषणा की। अपने 24वें वर्ष में ये सम्मान दिव्यांग जनों के लिए रोजगार के समान अवसरों को बढ़ावा देने में जुटे लोगों और संगठनों को स्वीकृति प्रदान करने तथा उन्हें पहचान दिलाने में भारत के सर्वाधिक प्रतिष्ठित सम्मानों में स्थान पाते हैं। दिव्यांग जनों को सशक्त बनाने तथा समावेशी एवं सतत विकास को बढ़ावा देने और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करने के लिए एनसीपीईडीपी पिछले आठ वर्षों से एलटीआईमाइंडट्री के साथ मिलकर काम कर रहा है। इस वर्ष कुल 16 पुरस्कार विजेताओं को रोल मॉडल के रूप में मान्यता दी गई, जिनमें से तीन को जूरी प्रशंसा मिली।





एनसीपीईडीपी के कार्यकारी निदेशक अरमान अली ने कहा कि हेलेन केलर पुरस्कार अदम्य इच्छाशक्ति, जुनून और तन्यकता का जश्न मनाते हैं। पिछले 24 वर्षों में इन पुरस्कारों ने कार्यस्थल पर रोजगार, समानता और विविधता को बढ़ावा देने के लिए अनुकरणीय कार्य करने वाले अविश्वसनीय व्यक्तियों और संस्थानों की पहचान की है। इस निरंतर प्रयास के परिणाम संतुष्टि भरे हैं फिर भी हम जानते हैं कि दिव्यांगता को पूरी तरह से मुख्यधारा में शामिल करने के लिए हमें अभी भी मीलों का सफर तय करना है।