सिंहभूम की सांसद जोबा मांझी ने वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र ज्योतिषी से खुल का बातें की। सबसे पहले उन्होंने चुनाव में जीत के लिये जनता का आभार व्यक्त किया।इसके बाद सवालों का जवाब देते हुए कहा कि मैं जब टिकट लेकर आयी तब राजनीतिक प्रतिद्वंदियों ने बहुत कुछ कहा कि अनपढ़ हैं,बोल नहीं सकती,देश के सबसे बड़े सदन में कैसे अपनी बातों को रखेंगी,आदि आदि।कई सारी बातें ऐसे लोगों ने की। फिर अपनी आंखों की चमक और अपने आत्मविश्वास को दर्शाते हुए उन्होंने प्रश्नों के उत्तर देने शुरू किया





प्रश्न : झारखंड को नया मुख्यमंत्री मिल गया है।चम्पाई सोरेन को पद से हटाये जाने का प्रभाव आने वाले चुनाव में नहीं पड़ेगा।





जवाब:नहीं यह पहले से तय था। झारखंड के युवा नेता और हमारी पार्टी के अग्रज हेमंत सोरेन को झूठे केस में फंसाया गया। उन्हें जेल की यात्रा करनी पड़ी। उनकी अनुपस्थिति में हमारे वरिष्ठ नेता चंपाई सोरेन को राज्य की कमान दी गई। यह इस बात पर दी गई कि जब भी हेमंत सोरेन को न्याय मिलेगा वे जब भी जेल से बाहर आएंगे तब उन्हें राज्य की कमान सौंप दी जायेगी और ऐसा हुआ भी। इसमें किसी के अपमान का कोई सवाल ही नहीं है।हमारी पार्टी का अंदरूनी मामला है, चंपई दा हमारे वरिष्ठ नेता हैं।आने वाले विधानसभा चुनाव में हम कोल्हान में उनके नेतृत्व में पहले से बेहतर प्रदर्शन करेंगे।





प्रश्न:आपकी पारंपरिक सीट मनोहरपुर के उत्तराधिकारी कौन होंगे,क्या यहां आप अपने पुत्र जगत मांझी को कमान सौंपेंगी।





जवाब:निश्चित रूप से जगत पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता है। इन दिनों वो काफ़ी मेहनत भी कर रहा है।जनता के बीच काफी लोक प्रिय भी है।मैं पार्टी को विश्वास दिलाती हूं कि आने वाले चुनाव में हम मनोहरपुर की सीट रिकॉर्ड मतों से जीतेंगे।





प्रश्न:सिंहभूम के विकास पर आपका क्या कहना हैं





जवाब:सिंहभूम का सर्वांगीण विकास मेरी प्राथमिकता में है। राज्य सरकार के साथ केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ धरातल पर लाना तो मकसद है ही।पर्यटन के दृष्टिकोण से भी सिंहभूम को अव्वल बनाना है।‌सिंहभूम संसदीय क्षेत्र में कई अद्भुत और प्राकृतिक स्थल हैं,जिन्हें दुनिया भर के लोग देखना चाहते हैं।मैं यहां लोगों का ध्यान भारत के ऐतिहासिक पुरातात्विक 14 वर्ष पुराने बेनी सागर की ओर भी आकृष्ट करना चाहूंगी। सारंडा की 700 पहाड़ियों का सौंदर्य लोगों को बताना चाहूंगी।यह दुर्भाग्य रहा है सिंहभूम का कि अब तक पर्यटन के क्षेत्र में यहां वह विकास नहीं हुआ है,जो होना चाहिए था।मैं टूरिस्ट सर्किट बनाकर यहां युवाओं के लिए नए अवसर भी लाना चाहती हूं।





प्रश्न का उत्तर देते सिहभूम की सांसद जोबा मांझी वन विभाग के कारनामों पर थोड़ी बिफर जाती है।





गौरतलब है कि वन एवं पर्यावरण विभाग के पास 1250 करोड़ के लगभग का केम्पा फंड मौजूद है।श्रीमती मांझी कहती हैं कि वन विभाग के इस फंड की निगरानी अति आवश्यक है।मैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस बाबत बात करूंगी।वर्तमान में ऐसा लगता है निगरानी के अभाव में कहीं कुछ गड़बड़ हो रही है।हालांकि फॉरेस्ट विभाग के अपने कुछ नियम हैं।बावजूद इसके राज्य सरकार को इस फंड की क्लोज मॉनिटरिंग करनी चाहिए।मैं इस बाबत सदन में भी चर्चा करूंगी।





प्रश्न:वन क्षेत्र में विकास के कई कार्य अभी अधूरे हैं





जवाब:बात सही है अभी भी कई वन ग्रामों में जाने के मार्ग सुलभ नहीं है।पुल पुलिया का अभाव है।मैं स्थानीय प्रशासन से बात कर रही हूं कैसे एक व्यापक योजना ली जाए ताकि विकास के सारे मार्ग सुलभ हो सकें।लोगों को रोजगार मिल सके और पलायन रुके।





बातों ही बातों में श्रीमती मांझी कहती है यहां की बंद पड़ी खदानें सबसे बड़ी समस्या है।मैं इस दिशा में पहल करूंगी। बंद पड़ी खदानों को खुलवाने के जो भी प्रयास मुझे करने पड़ेंगे मैं करूंगी। कोल्हान में खदानें ही लोगों के रोजगार का बड़ा साधन है। जब तक यहां की खदान नहीं खुलती है तब तक मैं स्थानीय प्रशासन से अनुरोध करूंगी बेरोजगारों के लिए रोजगार की वैकल्पिक व्यवस्था करें।उन्होंने कहा कि हम जल, जंगल,ज़मीन की लड़ाई लड़ रहे हैं और वनवासियों आदिवासियों को न्याय दिलाना,भूमि का पट्टा और रोजगार दिलाना हमारी पार्टी और सरकार की प्राथमिकता सूची में शामिल है।