सेवई में 30 वर्षो से लगातार की जा रही काली मां की पूजा





कामेश्वर भुइयां स्वयं मां काली का प्रतिमा बना करते है पूजा अर्चना







प्रतिनिधि,चौपारण। चौपारण(हजारीबाग) प्रखंड के बच्छई पंचायत के ग्राम सेवई के कामेश्वर भुइयां 1994 से निरंतर मां काली की प्रतिमा स्वयं बना कर पूजा अर्चना करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मैं बचपन में धनबाद में रहता था। जहां धूमधाम से मां काली की पूजा अर्चना की जाती थी।जिसे देखकर मन मंदिर में मुझे मां काली के प्रति अपार आस्था व विश्वास कूट-कूट कर भर गया और मैंने धनबाद में ही 1994 में मां काली का प्रतिमा बना कर पूजा अर्चना शुरू कर दिया। चार साल धनबाद में मां काली का प्रतिमा बनाकर पूजा अर्चना करने के उपरांत 1998 में पैतृक गांव सेवई आ जाना पड़ा।





कामेश्वर भुइयां ने कहा कि घर आने के बाद गांव में मां काली की प्रतिमा बनाकर पूजा अर्चना की बात रखे।तब सीताराम रविदास, संतोष पांडेय, गणेश भुइयां,वीरेंद्र भुइयां, नरेश, रमेश, मुकुंद राणा, प्रकाश राणा सहित पूरा गांव के लोगों ने मदद करने का आश्वासन देते हुए हौसला बढ़ाया और निरंतर मां काली का प्रतिमा स्थापित कर दीपावली की रात पूजा अर्चना करते आ रहे हैं।उन्होंने बताया कि चौपारण प्रखंड में विगत 26 वर्षो से मां काली का पूजा कर रहे हैं और सोमवार को पहली बार थाना प्रभारी शंभू नंद ईश्वर की पत्नी ने सेवई पूजा स्थल आकर मां काली का पूजा अर्चना किए और मां काली का खोंछा भराई का रस्म को किए,जिससे गांव के महिला-पुरुष एवम बच्चों में आस्था का एक नयी खुशी झलक उठी।





इस संबंध में थाना प्रभारी शंभू नंद ईश्वर ने कहा कि पत्नी वर्षो से मां काली का पूजा अर्चना करने के उपरांत मन्नत का खोंछा भराई करती आ रही हैं। चौपारण में रहने के कारण इस वर्ष यहां पर पूजा अर्चना किए। कामेश्वर भुइयां ने बताया कि मां काली की प्रतिमा का विसर्जन बुधवार को किया जाएगा।मालूम हो कि कामेश्वर भुइयां पढ़ा लिखा बेरोजगार युवक है और अपना जीविकोपार्जन कोचिंग और ट्यूशन पढ़ा कर करता है।