साहिबगंज।झारखंड की पहली बोट एंबुलेंस सेवा 15 मई सोमवार को साहिबगंज जिले से शुरू होगी।इस सुविधा से दियारा क्षेत्र में रहने वाले दो लाख से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने में मदद मिलेगी।बता दें कि दियारा क्षेत्र में गंगा नदी के पार कई पंचायतें हैं।यह पंचायतें बारिश के महीने जलमग्न हो जाती हैं, जिससे यह क्षेत्र लगभग दुर्गम हो जाता है।
साहिबगंज के उपायुक्त राम निवास यादव ने पीटीआई-भाषा को बताया कि मानसून के दौरान क्षेत्र में टीकाकरण सहित कई स्वास्थ्य कार्यक्रम रुक जाते हैं।इसलिए उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए बोट एम्बुलेंस सेवा शुरू करने का फैसला किया गया है। साहिबगंज प्रशासन ने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के तहत फंड से दो बोट एंबुलेंस खरीदी हैं,जो शुक्रवार को साहिबगंज पहुंचीं। प्रत्येक बोट एम्बुलेंस की कीमत 29.17 लाख रुपये है।
डीसी ने बताया कि अगर हम एम्बुलेंस में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे ऑक्सीजन सिलेंडर, ईसीजी उपकरण, रोगियों के लिए केबिन, लैब तकनीशियन और अन्य की गणना करते हैं, तो यह लगभग 48 लाख रुपये होगा।डीसी ने बताया कि एंबुलेंस को आधिकारिक तौर पर 15 मई को सेवा में उतारा जाएगा।
डीसी ने बताया कि एक एम्बुलेंस का इस्तेमाल राजमहल और दूसरी का इस्तेमाल साहिबगंज इलाके में किया जाएगा। देवघर के एम्स को छोड़कर संथाल परगना क्षेत्र में शायद ही कोई स्वास्थ्य सुविधा है। आपात स्थिति में मरीजों को बिहार के पूर्णिया और पश्चिम बंगाल के मालदा ले जाने के लिए भी बोट एंबुलेंस का इस्तेमाल किया जाएगा।
डीसी ने बताया कि वर्तमान में अगर कोई व्यक्ति दियारा इलाके में बीमार पड़ता है तो उसे पारंपरिक नौका से गंगा पार कर अस्पताल लाया जाता है। बोट एम्बुलेंस छह लोगों को ले जा सकती है,जिस एजेंसी ने नौकाओं की आपूर्ति की है, वह अगले दो वर्षों तक इसके संचालन और रखरखाव का ध्यान रखेगी।एजेंसी ने चालक और प्रयोगशाला तकनीशियन भी उपलब्ध कराए हैं।
साहिबगंज के सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान ने बताया कि बोट एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार, ईसीजी, ऑक्सीजन इनहेलर, फ्लो मीटर होगा।बोट एंबुलेंस जीपीएस सक्षम होंगी और रात में नौवहन के लिए अग्निशामक यंत्र और मास्टहेड लाइट से लैस होंगी।





