रांची।हेमंत सोरेन सरकार दुर्गा पूजा के तुरंत बाद विधानसभा का विशेष सत्र बुलायेगी। इस सत्र में 1932 खतियान आधारित स्थानीय नियोजन नीति और ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण का बिल पेश किया जायेगा।सरकार इसकी तैयारी कर रही है और विभागों को आवश्यक निर्देश दिया गया है।इसी बीच विधायकों से राय भी ली गयी है और विधायक चाहते हैं कि जल्द इस बिल को पेश कर इसे कानून का रूप दिया जाए।





सोरेन सरकार बिल पेश करने के बाद इसे नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार के पास भेजेगी।सूत्रों ने बताया कि 29 सितंबर को कैबिनेट की बैठक है।इसमें विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करने का प्रस्ताव आ सकता है।सरकार 15 अक्तूबर के बीच किसी भी दिन विशेष सत्र की तिथि घोषित कर सकती है।





14 सितंबर को कैबिनेट में आया था प्रस्ताव





मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 14 सितंबर को हुई कैबिनेट की बैठक में 1932 खतियान आधारित स्थानीयता का प्रस्ताव पारित हुआ था।वहीं ओबीसी का 27फीसदी आरक्षण किए जाने के साथ-साथ आदिवासी और अनुसूचित जाति का आरक्षण भी बढ़ाया गया था।इसे नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र से आग्रह करने की बात कही गयी थी।कैबिनेट में कहा गया था कि राज्य में आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 77फीसदी आरक्षण करने के प्रस्ताव को भी नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र को भेजा जायेगा। कैबिनेट द्वारा एससी का आरक्षण 10 से बढ़ाकर 12फीसदी करने, एसटी का 26 से बढ़ाकर 28फीसदी करने और ओबीसी का आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27फीसदी करने का प्रस्ताव पारित किया गया था।इडब्ल्यूएस के आरक्षण में कोई बदलाव नहीं हुआ था।





जाने क्या है प्रावधान





जानकार बताते हैं कि सरकार को स्थानीय नियोजन नीति और आरक्षण के लिए विधानसभा में बिल पारित करना होगा। सरकार चाहती है कि जल्द विधानसभा में बिल पेश किया जाए‌। नवरात्र के कारण सरकार अभी विशेष सत्र नहीं बुला रही है,लेकिन नवरात्र खत्म होते ही कभी भी विशेष सत्र बुला सकती है।