रांची।झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी समेत कांग्रेस के अन्य नेताओं के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल लॉक किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया।मंत्री रामेश्वर उरांव के अगुवाई में कांग्रेस भवन के सामने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन हुआ और केन्द्र सरकार की निंदा की गयी।

रामेश्वर उरांव ने कहा कि देश के लोकतांत्रिक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है।जनता के मुद्दों पर आवाज बुलंद करने वाली राजनीतिक पार्टियों और नेताओं के खिलाफ षड्यंत्र के तहत केंद्र काम कर रहा है।



रामेश्वर उरांव ने कहा कि सोशल मीडिया की बदौलत भाजपा 2014 में केंद्र की सत्ता में आई और उसी सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ देशभर में उठ रही आवाज से भाजपा नेताओं में बौखलाहट दिखायी दे रही है।पहले पेगासस के जरिए विरोधी दल के नेताओं, सैनिक, अधिकारियों और न्यायपालिका में बैठे लोगों की भी जासूसी कराई गई। जासूसी कांड के बाद अब कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की सोशल मीडिया पर उठ रही आवाज को भी दबाने की कोशिश हो रही है।

रामेश्वर उरांव ने कहा कि आने वाले समय में यदि केंद्र सरकार के रवैये में बदलाव नही हुआ तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।रामेश्वर उरांव ने कहा कि लोकतंत्र तभी सफल होता है,जब बोलने, लिखने, पढ़ने, विचारों की अभिव्यक्ति की आजादी हो,लेकिन वर्तमान में केंद्र सरकार आम लोगों की स्वतंत्रता को छीनने की कोशिश में जुटी हुई है।कांग्रेस नेता हों या कोई भी राजनैतिक दल हो केंद्र सरकार या बीजेपी के नीतियों के खिलाफ जनता के मुद्दों को लेकर अगर आलोचना करते हैं, तो यह सरकार उनके ट्विटर अकाउंट को लॉक करवा देती है।



प्रदर्शन करने वालों में केशव महतो कमलेश, डॉ राजेश गुप्ता, मदन मोहन शर्मा, निरंजन पासवान, सुषमा हेम्ब्रम, शमशेर आलम फिरोज रिजवी मुन्ना,रमेश पाण्डेय, सोनी नायक,जितेन्द्र त्रिवेदी,महेश साहू,अर्चना कुमारी,शैलेश चौबे,सतीश पाल मुंजीनि,जयशंकर पाठक,गिरीडीह जिला अध्यक्ष रवीन्द्र वर्मा,सतीश केडिया,प्रभात कुमार,दिनेश लाल सिन्हा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।