हंटरगंज प्रमुख ममता कुमारी ने डीसी को आवेदन देकर कार्रवाई करने का किया आग्रह





आरोप,मुखिया ने 14वीं और 15वीं वित्त की राशि को नियमो को ताक पर रख कर किया खर्च





बीईओ कानन पात्रा पर आरोप,शिक्षकों का करते हैं भयादोहन और मानसिक प्रताड़ना





प्रतिनिधि,हंटरगंज (चतरा)। हंटरगंज प्रमुख ममता कुमारी ने चतरा डीसी को आवेदन देकर प्रखंड में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मामलों को संज्ञान में देते हुए जांच कर नियमानुसार विधि सम्मत करवाई करने का आग्रह किया है।प्रमुख ममता कुमारी ने बाल विकास परियोजना,पीएचईडी, स्वास्थ विभाग,शिक्षा विभाग,खनन विभाग और नो एंट्री जैसे अहम मुद्दे से अवगत कराते हुए कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।उन्होंने जनता के प्रतिनिधि मुखिया के द्वारा 14वीं और 15वीं वित्त आयोग की राशि से किए गए कार्यों पर भी गंभीर आरोप लगाया है।





उपायुक्त को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि 15वीं वित्त आयोग मद से ग्राम पंचायतों में की जाने वाली योजनाओं में भारी अनियमितता बरती गई है। जबकि 15वीं वित्त की राशि खर्च करने को लेकर ग्रामीण विकास विभाग झारखंड सरकार ने एक सर्कुलर जारी किया है,जिसका पालन पंचायतों के मुखियाओं के द्वारा नही किया गया।मुखिया और पंचायत सचिव की मिली भगत से वैसी योजनाऐं कराई गई है जो सर्कुलर के अनुकूल नहीं है।वर्ष 2020-23 में प्राप्त अनटाइड की राशि को पंचायत भवन के रंग- रोगन एवं सामग्री क्रय में खर्च कर दिया गया है जबकि प्राप्त राशि का मात्र दस फीसद ही राशि खर्च करने का प्रावधान है।जबकि पूरी राशि रंग रोगन और क्रय के नाम पर खर्च दिखा कर राशि निकाल ली गई है,जो नियम विरुद्ध है। झारखंड सरकार ग्रामीण विकास विभाग के सर्कुलर के आलोक में 1,50,000 ( एक लाख पच्चास हजार रुपए ) से अधिक की सामग्री का क्रय निविदा के माध्यम से किए जाने का प्रावधान है।नही किए जाने पर वित्तीय अनिमित्ता की श्रेणी में माना जायेगा।जबकि पंचायतों में बिना निविदा के माध्यम से कार्य किए गए हैं जो नियम विरुद्ध है।





पंचायतों के मुखिया और पंचायत सचिव निविदा से बचने के लिए एक ही कार्य को तोड़-तोड़ कर किया गया है,जो नियम विरुद्ध है। आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2020-23 में ही जल मीनार लगाने में भी भारी अनियमितता बरती गई है। टाइड मद से प्राप्त राशि 2,49000 (दो लाख उन्चास हजार रूपए) खर्च किया गया है जबकि ग्रामीण विकास विभाग और न ही पेयजल विभाग के द्वारा कोई प्राकलन राशि निर्धारित किया गया है। यहां भी नियम विरुद्ध कार्य किया गया है। उक्त दोनों वित्त की योजनाओ का ऑनलाइन में सही तरीके से प्रविष्टि नही अंकित रहता है जिस से भविष्य में योजनाओं की हेरा फेरी की संभावना बनी हुई है। दूसरी तरफ स्कूलों में सेनेटरी वेडिंग मशीन का अधिष्ठापन किया गया है जिसके प्रति यूनिट 1,49,000 रुपए की राशि भुगतान किया गया,लेकिन जिम्स पोर्टल पर इसकी कीमत मात्र ₹71,500 बताया जा रहा है साथ ही नियमों की अनदेखी भी की गई है।





आवेदन में कहा गया है कि पंचायत समिति की बैठक में लिए गए प्रस्ताव का पालन नहीं किया जाता है।हंटरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकत्सा प्रभारी डाॅ. आरपी शर्मा सप्ताह में एक दिन मंगलवार को आते हैं,जिससे मरीजों का सही से चिक्तिसा सुविधा नही मिल पा रही है। बाल विकास परियोजना द्वारा संचालित आंगन बाड़ी केंद्रों में नामांकन के अनुसार सिर्फ 5से10 फीसद बच्चे उपस्थित होते हैं और शत प्रतिशत उपस्थिति दिखा कर राशि की अवैध निकासी की जा रही है जो विभागीय मिलीभगत से ही संभव है। इसे गंभीरता से लेते हुए जांच उपरांत कार्रवाई करने की बात कही गई है।





आवेदन में कहा गया है कि हंटरगंज बीईओ कानन पात्रा के द्वारा सहायक अध्यापक एवं सरकारी शिक्षक को जांच के क्रम में भयादोहन एवं मानसिक प्रताड़ना करते हैं। साथ ही पंचायत समिति की बैठक में कभी भी उपस्थित नहीं होते और न ही स्पष्टीकरण का जवाब देना जरूरी समझते हैं। हंटरगंज में संचालित पत्थर खदानों एवं क्रेशर नियमों को ताक पर रखकर संचालन किया जा रहा है।डीएमओ की लापरवाही के कारण ही पत्थर एवं खदान माफिया फायदा उठा रहे हैं।नो एंट्री में लोडेड हाइवा से पत्थर की ढुलाई की जा रही है।पीएचईडी विभाग के द्वारा नाडेप, वर्मी कंपोस्ट एवं सोकपीट में काफी अनियमितता बरती जा रही है जो जांच का विषय है।