नई दिल्ली। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित 'शुद्धिकरण' विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) आमने-सामने आ गए हैं। संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने बुधवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए स्पष्ट किया कि आरएसएस अपनी स्थापना के समय से ही छुआछूत को पाप और धर्म-विरोधी मानता आया है।
इंद्रेश कुमार का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हल्द्वानी विवाद को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली स्थित आरएसएस मुख्यालय के बाहर उग्र प्रदर्शन किया और 'मनुस्मृति' की प्रतियां जलाईं।
हल्द्वानी विवाद और कांग्रेस का विरोध
हल्द्वानी में खरगे की सभा के बाद स्थल पर किए गए कथित 'शुद्धिकरण' पर राहुल गांधी ने कड़ी आपत्ति जताई थी और इसे 'छुआछूत का दूसरा नाम' करार देते हुए दोषियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत कार्रवाई की मांग की थी।
इस बयानबाजी के बाद राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई, जिसके विरोध में कांग्रेस लीगल और यूथ विंग ने दिल्ली में संघ मुख्यालय का घेराव किया।
RSS नेता इंद्रेश कुमार के कड़े प्रहार
मनुस्मृति जलाने और कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए इंद्रेश कुमार ने 4 प्रमुख मुद्दों पर कांग्रेस को घेरा:
- 'खुद को साफ दिखाने के लिए दूसरों पर कीचड़ उछालना': इंद्रेश कुमार ने कहा कि कांग्रेस खुद आंतरिक छुआछूत और संविधान विरोधी सोच का सामना कर रही है। उन्होंने कहा:
"अगर आप चांद या सूरज पर थूकेंगे, तो वह आपके अपने ही चेहरे पर गिरेगा। कांग्रेस का यह विरोध और चीजें जलाना उनकी गिरती नैतिकता को दर्शाता है।"
- संविधान और अनुशासन प्रति प्रतिबद्धता: उन्होंने दावा किया कि आरएसएस अपने अनुशासन और राष्ट्रवादी सिद्धांतों के कारण हमेशा भारतीय संविधान के प्रति समर्पित रहा है, जबकि कांग्रेस लगातार झूठ फैला रही है।
- अनुच्छेद 370 और ऐतिहासिक भूलें: उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के बाद अगर किसी ने संविधान की मूल भावना को नुकसान पहुंचाया है तो वह कांग्रेस है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू करके अलग झंडे और अलग व्यवस्था की स्थिति पैदा की गई थी।
- युवा आंदोलनों का राजनीतिकरण: हालिया छात्र-युवा आंदोलनों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं के स्वतःस्फूर्त आंदोलनों में हस्तक्षेप करके कांग्रेस ने उन्हें कमजोर करने की कोशिश की है। इसी वजह से देश का राष्ट्रवादी युवा कांग्रेस से दूर हो रहा है।





