रांची।अगस्त माह के आखिरी हफ्ते से शुरू हुए सियासी संशय के बीच झारखंड में 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति तथा नौकरियों में ओबीसी, एसटी और एससी आरक्षण में बढ़ोतरी को लागू करना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। झारखंड में हमेशा से 1932 आधारित स्थानीय नीति का मुद्दा आदिवासियों और मूलवासियों की भावनाओें से जुड़ा रहा है।
बुधवार को कैबिनेट की मुहर लगने के बावजूद दोनों प्रस्तावों को जमीन पर उतारने से पहले कई प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। स्थानीय नीति और नौकरियों में कुल 77 प्रतिशत आरक्षण पहले झारखंड विधानसभा से पारित होगा। विधेयक की मंजूरी के बाद इसे केंद्र भेजा जाएगा, ताकि इसे 9वीं अनुसूची में शामिल किया जा सके।
यूपीए गठबंधन मिलकर लड़ेगा अगला चुनाव
राजनीतिक पंडितों की मानें तो बुधवार के फैसले इस बात के स्पष्ट संकेत हैं कि झारखंड विधानसभा का अगला चुनाव यूपीए गठबंधन मिलकर लड़ेगा।सीटों को लेकर बैठकें करनी पड़ेंगी,लेकिन एसटी, एससी और ओबीसी की श्रेणी के आरक्षण में कुल 17 फीसदी इजाफा करके यूपीए इन वर्गों का कम से कम दस फीसदी वोट अपने पक्ष में करना चाहता है।
झामुमो बढ़ाना चाहती है वोटर
यही कारण है कि हेमंत सोरेन सरकार ने अपने कोर वोटर 26.2 फीसदी आदिवासी, धर्मांतरित इसाई समेत 19 फीसदी अल्पसंख्यक पर फोकस करके अब तक कई निर्णय लिए हैं। इसी कड़ी में 1932 खतियान का मसला है। मंडल कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार झारखंड में लगभग 50 फीसदी ओबीसी हैं। 2019 विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा को लगभग 28 लाख वोट मिले थे। झामुमो का अगला लक्ष्य 38 से 40 लाख वोट हासिल करना है।
इससे पहले खनन लीज पर चुनाव आयोग का मंतव्य 25 अगस्त को राजभवन पहुंचा था। इसके बाद लगातार चर्चा चल रही थी कि हेमंत सोरेन की सदस्यता अगर जाती है तो महागठबंधन सरकार का क्या होगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रहेंगे या किसी और को अपनी कुर्सी सौंपेंगे, लेकिन सत्तारूढ़ विधायकों को एकजुट रखने के लिए उनको रांची से रायपुर ले जाने का निर्णय हो अथवा विशेष सत्र बुलाकर सरकार का विश्वास मत हासिल करना सभी में हेमंत सोरन ने उत्तरोत्तर परिपक्व नेता होने का परिचय दिया। विशेष सत्र के दौरान अपने सियासी विरोधियों को चुनौती भरे अंदाज में यह कहना कि आंदोलनकारी का बेटा हूं, न डरा हूं और न ही किसी को डराऊंगा से झारखंड और अपने वोटरों को संदेश देने में वह कामयाब दिख रहे हैं।





