रांची।झारखंड को नक्सल मुक्त बनाने के लिए नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान और चौतरफा करवाई से झारखंड पुलिस को लगातार सफलता मिल रही है।कई बड़े नक्सली संगठनों से जुड़े इनामी नक्सलियों ने झारखंड पुलिस और झारखंड सरकार की नई दिशा नई पहल आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।इसी क्रम में नक्सली रीजनल कमांडर 15 का लाख इनामी मिथिलेश सिंह उर्फ दुर्योधन महतो उर्फ बड़ा बाबू उर्फ बड़का दा उर्फ अवधेश ने झारखंड पुलिस के आईजी अभियान एवी होमकर और रांची रेंज के आईजी पंकज कंबोज और सीआरपीएफ के अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। बता दें कि दुर्योधन महतो धनबाद जिले के तोपचांची का रहने वाला हैं।





जानें कौन हैं नक्सली कमांडर दुर्योधन महतो





बता दें कि उत्तरी छोटानागपुर जोनल कमेटी के अंतर्गत ऊपरघाट , झुमरा पहाड़ ,विष्णुगढ़ और रामगढ़ के क्षेत्र जिसे जिलगा सबजोन कहते हैं।इसकी कमान आत्मसमर्पण करने वाला कुख्यात 15 लाख का इनामी नक्सली रीजनल कमांडर दुर्योधन महतो उर्फ मिथिलेश महतो के हाथों में थी।दुर्योधन महतो 90 के दशक में नक्सली संगठन में शामिल हुआ था। संगठन में समय गुजरने के साथ उसका कद भी बढ़ता गया।

बिहार से अलग होकर झारखंड राज्य का गठन होने के बाद दुर्योधन को 2001 में रीजनल कमेटी का सदस्य बना दिया गया। 2004 में दुर्योधन को धनबाद जिले के तोपचांची थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। 9 साल बाद 2013 में जेल से बाहर आते ही दुर्योधन ने दोबारा से नक्सल गतिविधियों में एक्टिव हो गया था।





दुर्योधन महतो के नाम कई मामलों में दर्ज है एफआईआर





इस मामले में पुलिस का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाला 15 लाख का इनामी नक्सली दुर्योधन महतो के खिलाफ प्रदेश के विभिन्न जिलों में 104 मुकदमें दर्ज हैं,इसमें बोकारो में 58, चतरा में 5, सरायकेला खरसावां में 4, खूंटी में 3, चाईबासा में 2, हजारीबाग में 26, धनबाद में 1 और गिरिडीह जिले में 5 मामले दर्ज हैं।





आपको बताते चलें कि इससे पहले झारखंड पुलिस के सामने 15 लाख का इनामी नक्सली अमन गंझू के अलावा 1 करोड़ का इनामी नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा गिरोह के 8 नक्सलियों ने झारखंड पुलिस के सामने नई दिशा एक नई पहल सरेंडर पॉलिसी के तहत सरेंडर कर चुके हैं।