प्रतिनिधि,चतरा/लावालौंग। लावालौंग प्रखंड क्षेत्र के हेडुम गांव में 108 एंबुलेंस के अभाव के कारण एक और युवक की जान तड़प-तड़प कर चली गई।उक्त विषय की जानकारी देते हुए बीस सूत्री अध्यक्ष छठु सिंह भोक्ता नें बताया कि हेडुम गांव निवासी बिनोद गंझू (28 वर्ष) को गुरुवार की रात अचानक पेट दर्द हुआ और फिर दर्द सीने तक पहुंच गया।लावालौंग में वर्तमान में उपलब्ध व्यवस्था विहिन एंबुलेंस का फोन नंबर उपलब्ध नहीं होने के कारण विनोद के परिजन एंबुलेंस को नहीं बुला पाए।रात भर काफी तड़पने के बाद शुक्रवार की सुबह गांव वालों के पास से एंबुलेंस का नंबर व्यवस्था करके फोन किया। इसके बाद विनोद को उसी एंबुलेंस से ही सदर अस्पताल चतरा ले जाया जा रहा था परंतु रास्ते में ही सांस फूलने से उसकी मौत हो गई।





ज्ञात हो कि वर्तमान में सीसीएल के द्वारा जो एंबुलेंस दिया गया है।उसमें कुछ शुल्क भी लोगों को चुकाना पड़ता है।वहीं यह एंबुलेंस व्यवस्था विहीन है। इसमें मरीजों को सेवा देने के लिए कोई भी एक्सपर्ट अटेंडर की व्यवस्था नहीं है जो समय पर मरीजों को ऑक्सीजन वगैरह की सुविधा दे सके।





छठु सिंह भोगता नें बताया कि विनोद को अगर 108 एंबुलेंस की सुविधा दी जाती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।पूर्व में यहां 108 एंबुलेंस की सुविधा पूर्व विधायक गणेश गंझू के पहल पर करवाया गया था। परंतु उसे लावालौंग के साथ सौतेला व्यवहार करते हुए एक वर्ष पूर्व सिमरिया मंगवा लिया गया,जिसका खामियाजा प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीणों को जान गंवाकर भुगतना पड़ रहा है।इस बाबत कई बार चतरा उपायुक्त अबु इमरान,विधायक किशुन दास, मंत्री सत्यानंद भोक्ता एवं चतरा सिविल सर्जन से जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों नें गुहार लगाया है,परंतु अभी तक किसी के कानों पर जूं तक नहीं रेंगे।जबकि इसके पूर्व भी चार महीने के अंदर चालीस लोगों की जान एंबुलेंस के अभाव में हो चुकी है।