नई दिल्ली: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने देश में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) जारी करने और उसमें बदलाव की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण संशोधनों का प्रस्ताव रखा है। नए नियमों के लागू होने के बाद अब ड्राइविंग लाइसेंस देखते ही धारक की राष्ट्रीयता की पहचान हो सकेगी। इसके साथ ही, कागजी कार्रवाई को कम करने और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग पर लगाम लगाने के लिए शपथ-पत्र (Affidavit) की अनिवार्यता को लगभग समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

प्रस्तावित बदलावों के मुख्य आकर्षण

1. राष्ट्रीयता के आधार पर अलग-अलग रंग के DL

  • पहली बार ड्राइविंग लाइसेंस पर धारक की राष्ट्रीयता का स्पष्ट उल्लेख होगा।
  • भारतीय नागरिकों और विदेशी नागरिकों (Foreign Nationals) के लिए अलग-अलग कलर-कोड वाले ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाएंगे, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को त्वरित पहचान में आसानी होगी।

2. शपथ-पत्र (Affidavits) खत्म, आधिकारिक पहचान अनिवार्य

  • उम्र और पते के सबूत के तौर पर नोटरी या एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने दिए जाने वाले शपथ-पत्रों के गलत इस्तेमाल की शिकायतों को देखते हुए इन्हें सामान्य प्रक्रिया से हटाने का प्रस्ताव है।
  • स्वीकार्य दस्तावेज़:
    • पते का प्रमाण: आधार कार्ड, वोटर ID, ई-राशन कार्ड, बिजली/गैस बिल (पिछले 3 महीने का)।
    • उम्र का प्रमाण: पासपोर्ट, 10वीं/बोर्ड मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र।
    • पहचान का प्रमाण: आधार, पासपोर्ट, ई-राशन कार्ड और पैन (PAN) कार्ड।
  • विशेष स्थिति: यदि कोई आवेदक निर्धारित 12 आधिकारिक दस्तावेजों में से कोई भी देने में असमर्थ रहता है, केवल तभी मजिस्ट्रेट या नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ-पत्र स्वीकार किया जाएगा।

3. सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल में अब 75% अंक जरूरी

  • सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए ऑनलाइन 'सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल असेसमेंट' का पासिंग प्रतिशत 60% से बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव है।
  • अब लाइसेंस आवेदन के दौरान ब्लड ग्रुप (Blood Group), मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क (Emergency Contact) की जानकारी देना पूरी तरह अनिवार्य होगा।

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नागरिकों को मिलने वाली राहत और त्वरित ऑनलाइन सेवाएं

  • मुफ्त ऑनलाइन बदलाव सेवाएं: नाम, पता या मोबाइल नंबर में बदलाव जैसी कुछ चुनिंदा सेवाओं के लिए शुल्क माफ करने का प्रस्ताव है, बशर्ते आवेदक ऑनलाइन आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए आवेदन करे।
  • समयबद्ध मंज़ूरी (15 से 30 दिन):
    • अधिकारियों को ऑनलाइन संशोधनों के आवेदनों पर 15 दिनों के भीतर निर्णय (स्वीकार या अस्वीकार) लेना होगा।
    • यदि पता बदलने का आवेदन 30 दिनों तक लंबित रहता है, तो उसे 'डीम्ड अप्रूव्ड' (स्वचालित रूप से मंजूर) मान लिया जाएगा।
  • सिंगल एप्लीकेशन फॉर्म: रिन्यूअल, डुप्लिकेट लाइसेंस, नई श्रेणी जोड़ने या विवरण बदलने के लिए अब अलग-अलग फॉर्म की जगह एक ही एकीकृत फॉर्म चलेगा। आवेदक का डेटा 'सारथी' (Sarathi) पोर्टल से स्वतः ले लिया जाएगा।

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