कोडरमा।झारखंड के कोडरमा में 11 दिए पहले अगवा हुए रिटायर शिक्षक गिरजा नंदन प्रसाद का शव शनिवार को कोडरमा के डंगरा पहाड़ जंगल से संदिग्ध हालात में बरामद हुआ है।शव मिलने के बाद अब परिजन पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं और पिता की हत्या होने का आरोप लगा रहे हैं।शव की शिनाख्त बड़े बेटे ने की है। बता दें कि गिरजा नंदन प्रसाद को 31 जनवरी को अगवा किया गया था।
शव के पास ही गिरिजा नंदन प्रसाद का चश्मा, मोबाइल और अन्य सामान बरामद हुआ है। शिक्षक के गायब होने के बाद तीन फरवरी को परिजनों ने अपहरण का मामला दर्ज कराया दिया था,लेकिन पुलिस उन्हें नहीं ढूंढ पाई थी।पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है।
मृतक के बेटे का आरोप है कि पिता के अकाउंट से यूपीआई ट्रांजैक्शन भी हुआ था,लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने घोर लापरवाही बरती। बेटे का आरोप है कि पुलिस ने मोबाइल को ट्रैक करने में काफी समय लगा दिया।वहीं पुलिस की तरफ से कहा जा रहा है कि अपहरण का मामला दर्ज होने के बाद ही एसपी के निर्देश पर पुलिस टीम का गठन कर सेवानिवृत्त शिक्षक को तलाशने का कार्य शुरू कर दिया गया था।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कहा कि वो पूरी तरह से डी कंपोस्ट हो गया है।ऐसा लग रहा है कि उनकी मौत कई दिन पहले ही हो गई है। परिजनों की माने तो गिरिजा नंदन प्रसाद की ना तो किसी से दुश्मनी थी और ना ही कोई पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है।
मिली जानकारी के अनुसार गिरजा नंदन प्रसाद हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे। गिरजा नंदन प्रसाद कोडरमा के पेंशनर समाज के अध्यक्ष भी थे। गिरजा नंदन प्रसाद घर से बाजार जाने के लिए निकले थे और फिर वापस नहीं लौटे। बता दें कि शव बरामद होने के बाद अब पुलिस के लिए गिरजा नंदन प्रसाद की मौत की गुत्थी को सुलझाना बड़ी चुनौती बन गई है।





