प्रतिनिधि,जमशेदपुर।झारखंड राज्य में चल रहे खतियानी जोहार यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार की रात्रि आदित्यपुर टोल ब्रिज से होते हुए जमशेदपुर शहर पहुंचे।इस दौरान टोल ब्रिज गोल चक्कर पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।जिसके बाद सीएम सोरेन स्वास्थ मंत्री बन्ना गुप्ता के साथ सोनारी दोमुहानी घाट पर पहुंचकर गंगा आरती की तर्ज पर चल रहे निर्माण कार्य को भी देखा।इसके बाद सीएम सोरेन सीधे सर्किट हाउस पर सदन पहुंचे। जहां जिले की उपायुक्त विजया जाधव और एसएसपी प्रभात कुमार समेत अन्य भी मौजूद थे। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।इसके बाद वे रात्रि विश्राम करने चले गए।





मंगलवार की सुबह तय कार्यक्रम के तहत सीएम सोरेन सबसे पहले सोनारी एयरपोर्ट पर पहुंचे। जहां से उन्होंने महीनों से बंद कोलकाता के लिए शुरू हुई उड़ान का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके साथ स्वास्थ मंत्री बन्ना गुप्ता और टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट चाणक्य चौधरी समेत अन्य मौजूद थे। इसके बाद सीएम सोरेन जुगसलाई पहुंचे और जहां उन्होंने विधिवत रूप से नारियल फोड़कर नए ओवर ब्रिज का उद्घाटन किया। मौके पर जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी भी मौजूद थे।





इसके बाद सीएम सोरेन का काफिला सीधे कदमा बाजार के पास स्थित डीबीएमएस स्कूल पहुंचा। जहां उन्होंने पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला खरसावां जिला के अधिकारियों के साथ बैठक कर सरकार आपके द्वार कार्यक्रम की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम के बाद दोपहर के समय अधिकारियों के साथ स्कूल में ही लंच भी किया।इसके बाद सीएम सोरेन का काफिला सर्किट हाउस पहुंचा। जहां कुछ देर आराम करने के बाद वे सीधे बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान पहुंचे और सभा को संबोधित किया।





सीएम सोरेन सभा को संबोधित करते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 20 सालों तक मखमल के बिस्तर पर सोए हैं और अब जब उन्हें पत्थर पर पटका तो छटपटा रहे हैं। सीएम ने कहा 2014 से पहले विपक्ष को महंगाई डायन लगती थी और अब भौजाई लगने लगी है। पहले विपक्ष ने सोचा कि हमारी सरकार ही नहीं बनेगी और जब सरकार बनी तो उन्होंने सोचा कि यह चलेगी ही नहीं। अब जब सरकार ने अपना 3 सालों का कार्यकाल पूरा कर लिया है तो विपक्ष के पेट में दर्द होने लगा है। साथ ही केंद्र की मदद से सरकार गिराने के लिए कभी ईडी तो कभी सीबीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। मगर हम इन सबसे डरने वाले नहीं हैं। सरकार अपने दम पर कार्यकाल पूरा भी करेगी। जिसे जो करना है कर लें।





सीएम सोरेन ने इस दौरान 1932 के खतियान को राज्यपाल द्वारा लौटाने को लेकर कहा कि केंद्र सरकार राज्यपाल के माध्यम से इस सरकार को परेशान कर रही है। 1932 का खतियान ही झारखंडियों की पहचान है। जिसे हमने पास कर राष्ट्रपति के प्रतिनिधि राजपाल के माध्यम से केंद्र सरकार के पास कानून बनाने के लिए भेजा है। मगर बार-बार राज्यपाल के द्वारा कुछ ना कुछ खामी बताकर इसे लौटा दिया जा रहा है। मगर जिस तरह हमने 1 जनवरी 1948 से दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नेतृत्व में लड़ाई लड़कर झारखंड लिया है। उसी तरह झारखंडियों के हक और अधिकार के लिए लड़कर 1932 का खतियान भी लागू करेंगे। चाहे विपक्ष कितना भी जोर लगा लें। मगर हम इसे राज्य में लागू करके ही दम लेंगे। वहीं श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता, आपदा सह स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, आदिवासी कल्याण सह परिवहन मंत्री चंपई सोरेन, घाटशिला विधायक रामदास सोरेन, जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी, पोटका विधायक समीर सरदार, बहरागोड़ा विधायक समीर महंती, इचागढ़ विधायक सविता महतो समेत अन्य ने भी सभा को संबोधित किया।





इस दौरान झारखंड के आंदोलनकारी शहीद निर्मल महतो को सभी भूल गए। उनके लिए एक शब्द भी किसी ने नहीं कहा। पूरे कार्यक्रम में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की ही चर्चा होती रही। मगर इन सबके बीच स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने ही अपने संबोधन के दौरान शहीद निर्मल महतो की धरती पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का स्वागत है, जैसे शब्द कहे। वहीं मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर शहर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद दिखी।





मौके पर उपायुक्त विजया जाधव, एसएसपी प्रभात कुमार, एसडीएम पीयूष सिन्हा, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर नंदकिशोर लाल, एसपी सिटी के. विजय शंकर, एएसपी शुभांशु जैन, डीटीओ दिनेश रंजन, जमशेदपुर अक्षेस के विशेष पदाधिकारी संजय कुमार, मानगो नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारी सुरेश यादव समेत अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।