नई दिल्ली | लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और भारी हंगामे का दौर जारी है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा सरकार पर लगाए गए गंभीर आरोपों और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव ने सदन की कार्यवाही को और अधिक गरमा दिया है।

राहुल गांधी के तीखे प्रहार: "भारत माता को बेचने का आरोप"

बजट चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने इस समझौते को 'एकतरफा' करार देते हुए कहा कि इससे भारतीय किसानों के हितों को भारी नुकसान पहुंचा है।

आक्रामक तेवर अपनाते हुए राहुल गांधी ने कहा:

"आपने भारत को बेच दिया है। क्या आपको भारत को बेचने में शर्म नहीं आती? आपने हमारी मां, 'भारत माता' का सौदा किया है।"

नैतिक आधार पर स्पीकर का बड़ा फैसला

सदन में जारी गतिरोध के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार, जब तक उनके निष्कासन के नोटिस का निपटारा नहीं हो जाता, वे 'नैतिक आधार' पर सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे।

इसी बीच, स्पीकर ओम बिरला ने सचिवालय को निर्देश दिया है कि विपक्ष द्वारा दिए गए नोटिस की कमियों को दूर कर उसे दुरुस्त किया जाए और प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। बुधवार को सदन की कार्यवाही पी.सी. मोहन की अध्यक्षता में शुरू हुई।

सत्ता पक्ष का पलटवार: "राहुल का भाषण काल्पनिक"

शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने बजट का समर्थन करते हुए राहुल गांधी पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के भाषण से पहले एक 'डिस्क्लेमर' (चेतावनी) चलाया जाना चाहिए कि यह पूरी तरह काल्पनिक है और इसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।

शिंदे ने व्यापार समझौते पर विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए कहा:

"जिनका राजनीतिक सौदा हर राज्य में रद्द हो रहा है, उन्हें पहले अपने घर और देश की चिंता करनी चाहिए।"

उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में विपक्ष 96 बार चुनाव हार चुका है।

उन्होंने बजट को 'नए भारत' का प्रतिबिंब बताया, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

हंगामे की पृष्ठभूमि

सदन में यह गतिरोध 2 फरवरी से जारी है, जब राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे के 'अप्रकाशित संस्मरण' के अंश उद्धृत करने से रोक दिया गया था। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि भाजपा सांसदों को कांग्रेस सदस्यों का सामना करने की अनुमति दी गई होती, तो सदन में "अप्रिय दृश्य" देखने को मिल सकते थे।

वर्तमान में, सदन में नारेबाजी के बीच बजट पर चर्चा जारी है। जहाँ सत्ता पक्ष इसे विकसित भारत का रोडमैप बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे व्यापारिक समझौतों की आड़ में देश के हितों से समझौता करार दे रहा है।