प्रतिनिधि,गिरिडीह। अबरख को वैध कारोबार का दर्जा देकर मजदूरों और कारोबारियों को राहत देने की मांग को लेकर भाजपा ने मंगलवार को समाहरणालय परिसर में धरना दिया। नए समाहरणालय भवन के बाहर भाजपा के धरना प्रदर्शन में पूर्व सीएम बाबूलाल मंराडी, पूर्व सांसद रवीन्द्र राय, रवीन्द्र पांडे, जमुआ विधायक केदार हाजरा, पूर्व विधायक निर्भय शाहाबादी, नागेन्द्र महतो, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रणव वर्मा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश साहू, चुन्नूकांत, सांसद प्रतिनिधी दिनेश यादव, पूर्व विधायक लक्ष्मण स्वर्णकार, नुनूलाल मरांडी, लक्ष्मण सिंह सहित कई नेता शामिल हुए। वहीं धरना में गांवा-तिसरी की कई महिला मजदूर माइका को टोकरी में भर-भर कर लेकर पहुंची हुई थी और समाहरणालय के बाहर अधिकारियों को माइका खरीदने की भी अपील की,लेकिन किसी अधिकारी ने जब माइका की खरीदारी नहीं की तो महिलाएं वहीं गेट पर माइका के ढेर गिरा दी।





धरना को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम बाबूलाल मंराडी ने कहा कि मोदी सरकार ने राज्यहित में मजदूरों की परेशानी को देखते हुए माइका को लघु खनिज के श्रेणी में डाला और माइका पर राजस्व लेना है या नहीं, इसका फैसला राज्य सरकार पर छोड़ दिया है,लेकिन पिछले तीन सालों से झूठे वादे और झूठा आश्वासन देकर सत्ता चला रहे हेंमत सरकार माइका को वैद्य करने के बजाय सिर्फ जनता को बरगलाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जब हेमंत सरकार के कार्यकाल में उनके राज्य के अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते, तो हालात समझा जा सकता है कि माइका को वैद्य करना इस सरकार के लिए कितना जटिल है। जबकि मोदी सरकार ने इसे वैद्य करने के लिए राज्य सरकार के अड़चनों को दूर कर दिया है और अब यह रुटीन वर्क में शामिल हो चुका है। खनिज सचिव और जेएसडीसी को बुलाकर सिर्फ फाइलों में साइन कराना है। कहा कि तीन सालों के भीतर हेमंत सरकार के अधिकारियां के घर से सोना और करोड़ो रुपए ऐसे ही नहीं निकल रहे है बल्कि सभी काले कारनामे में शामिल है।