साहिबगंज से संजय कुमार धीरज की खास रिपोर्ट





साहिबगंज। झारखंड राज्य के साहिबगंज जिले के गंगा नदी में सकर माउथ कैटफिश मिलने से मछुआरों के बीच हड़कंप मच गया।दरअसल बीते दिन जब कुछ मछुआरे महादेवगंज गांव में गंगा किनारे जाल डालकर मछली मार रहे थे। तब उनके जाल में यह मछली फंस गई,जिसके बाद मछुआरों ने इसकी जानकारी गंगा प्रहरी को दी। गंगा प्रहरी ने इस मछली के बारे में डीएफओ मनीष तिवारी को अवगत कराया।डीएफओ ने कई विशेषज्ञों को मछली की फोटो भेजकर उसकी प्रजाति का पता लगाया।





डीएफओ मनीष तिवारी ने बताया कि ये मछली सकर माउथ कैटफिश है। डीएफओ ने इस मछली को दोबारा गंगा में नहीं छोड़ने की हिदायत देते हुए बताया कि ये एक शिकारी मछली है, जो अमेरिका के अमेजन नदी में पाई जाती है। इससे गंगा के इको सिस्टम और जलीय जीव जंतुओं के लिए बहुत बडा खतरा पैदा हो सकता है।





बता दें कि अमेरिका की अमेजन नदी में पाई जाने वाली दुर्लभ प्रजाति की सकर माउथ कैटफिश की चार आंखें होती हैं। साथ ही इसमें एयर प्लेन के आकार के पंख दिखाई पड़ते हैं। जबकि आमतौर पर मछलियों का आकार ऐसा नहीं होता हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह मछली पूरी तरह से मांसाहारी होती है। गंगा नदी में इस मांसाहारी मछली के पहुंचने से दूसरे जीव जंतुओं के लिए खतरा पैदा हो जाएगा, क्योंकि यह मांसाहारी मछली दूसरे जीव जंतुओं को खाकर ही जीवित रहती है। इसके कई रंग होते हैं।





इधर पर्यावरणविद डॉक्टर रणजीत सिंह ने बताया सकर माउथ कैटफिश का गंगा में मिलना चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि इस मछली को कुछ लोग एक्वेरियम में पालते हैं। इसके बाद बड़ी होने पर इसे गंगा या अन्य नदी या जलाशय में छोड़ देते हैं। यही मछली बाद में जलाशयों और गंगा नदी के इको सिस्टम के लिए घातक हो जाती है।