प्रतिनिधि,चतरा। स्थानीय इंदुमति टिबड़ेवाल सरस्वती विद्या मंदिर उच्च विद्यालय दीभा में शनिवार को प्रांतीय योजनानुसार व पूर्व नियोजित सत्र 2023-24 के निमित वार्षिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यालय प्रबंध कारिणी समिति के अध्यक्ष संतन पांडेय ,कोषाध्यक्ष मुकेश साह व विद्यालय के प्राचार्य पवन कुमार दास का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
अध्यक्ष संतन पांडेय ने अपने अध्यक्षीय आर्शीवचन में कहा कि विद्या भारती प्रारंभ से ही भैया/बहनों के सर्वांगीण विकास के प्रति कृतसंकल्प है और यह तभी संभव है जब उन्हें शिक्षा के साथ साथ संस्कार की भावना हो। उन्होंने आगे शैक्षिक उत्कृष्टता, संस्कार पक्ष,शुल्क संबधी पंजी,वर्तनी,लेखनी,हस्ताक्षर करने की सही विधि,परीक्षा परिणाम ,स्वाध्याय और व नई शिक्षा नीति पर वृस्तृत जानकारी दी।
कोषाध्यक्ष मुकेश साह ने नए सत्र के सही संचालन हेतु आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा हम सभी सौभाग्यशाली है जो भारतीय संस्कृति की शिक्षा को संपूर्ण देश मे विस्तारित करने का अवसर मिला है।लार्ड मैकाले की शिक्षा नीति से भारत में साक्षरता की कमी आने लगी और युवा पीढ़ी अपने भारतीय इतिहास व संस्कृति से दूर होने लगी ।इस कमी को देखते हुए विद्या भारती शिक्षा संस्थान द्वारा देश भर में सरस्वती शिशु मंदिर प्रारंभ किए गए और इसके अंतर्गत बच्चों को भारतीय जीवन मूल्यों व भारतीय संस्कृति व संस्कारों के साथ साथ आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए शिक्षा दी जाने लगी।इसमें प्रयोग आधारित शिक्षा व समाज मे जागरूकता लाने का कार्य हमारे आचार्य व दीदी जी कर रहे है।
कार्यशाला के अंत मे प्रधानाचार्य पवन कुमार दास ने वार्षिक कार्य योजना पर चर्चा करते हुए कहा विद्यालय के गुणात्मक एवं संख्यात्मक विकास की दृष्टि से क्यों आवश्यक है।उन्होंने नवीन सत्र में विद्यालय को सुचारू व पूर्ण ढंग से विभिन्न भावी योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा की। अंत मे कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्या मंदिर,शिशु मंदिर व वाटिका खंड के प्रभारी अयोध्या प्रसाद सिंह,अजय रजक,सरिता गुप्ता सहित समस्त अचार्यवृन्द उपस्थित थे।





