रांची।प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्त में आए कोलकाता के कारोबारी अमित अग्रवाल पर रियल स्टेट और अन्य कंपनियों के जरिए मनी लाउंड्रिंग करने का संदेह जांच एजेंसी को है।अमित कोलकाता में रियल स्टेट का कारोबार करता है। इसके अलावा अमित टी स्टेट समेत अन्य कारोबार से जुड़ा रहा है। अमित की अधिकांश कंपनियों में उसके परिवार और करीबी रिश्तेदार निदेशक हैं।
जांच में ये बात सामने आयी है कि अधिकतर कंपनियों का कोई कारोबार नहीं है।साथ ही उन कंपनियों द्वारा काफी कम आयकर दिया जाता रहा था।आयकर विभाग ने अपनी जांच में पाया था कि एक कंपनी ने साल 2014 के बाद कोई कारोबार नहीं किया था, लेकिन उसके बैंक खाते में सात करोड़ रुपए मिले थे। कोलकाता स्थित बैंक खाते में जमा ये रुपए झारखंड के लोगों के दिखाए गए थे।
रवि केजरीवाल ने अपने बयान में लिया था अमित का नाम
झारखंड मुक्ति मोर्चा से निलंबित कोषाध्यक्ष रवि केजरीवाल ने ईडी को दिए बयान में अमित अग्रवाल का नाम लिया था। साथ ही कई शेल कंपनियों के जरिए अवैध खनन के पैसों की मनी लॉन्ड्रिंग की बात कबूली थी।केजरीवाल ने बताया था कि अवैध खनन का पैसा प्रेम प्रकाश के जरिए कोलकाता भेजा जाता था। ईडी ने अपने आरोप पत्र में इस बात की जानकारी दी है। वहीं अमित के बारे में बताया जाता है कि साल 2013 में वह झारखंड की सत्ताधारी पार्टी के करीब आया था। 2019 चुनाव के बाद झारखंड में ट्रांसफर-पोस्टिंग में उसकी भूमिका होती थी। वहीं रांची समेत कई जगहों पर ठेकों में भी अमित अग्रवाल की अहम भूमिका होती थी।





