रांची।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मनी लाउंड्रिंग और अवैध खनन केस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नोटिस जारी किए जाने के बाद झारखंड में सियासी हलचल काफी बढ़ गई है।ईडी के समन के विरोध में गुरुवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता-कार्यकर्ता मोरहाबादी मैदान में जुटे।सैकड़ों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय एजेंसी, भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मोरहाबादी से कार्यकर्ताओं का हुजूम मुख्यमंत्री आवास की तरफ कूच किया।राज्य के अलग-अलग हिस्सों से कार्यकर्ता पारंपरिक हथियारों के साथ राजधानी रांची पहुंचे।इस दौरान राज्यसभा सांसद महुआ माजी, वरिष्ठ नेता विनोद पांडेय और पूर्व शिक्षा मंत्री वैद्यनाथ राम जैसे नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं के साथ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य भी इस दौरान मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ईडी ऑफिस न जाने के कारणों के सवाल पूछने पर सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री क्यों जाएंगे,उनके अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम हैं। उनको छत्तीसगढ़ जाना है।उन्होंने कहा कि यदि किसी को मुख्यमंत्री से मुलाकात करनी हो तो पहले अपॉइंटमेंट लें,मुख्यमंत्री के पास समय होगा तो वे अपने आवास या कार्यालय में मिलेंगे।
झामुमो कार्यकर्ताओं के जुटान पर सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि ये स्वाभाविक आक्रोश है।हमने लंबे संघर्ष के बाद अलग झारखंड राज्य लिया। 2019 में हमें पूर्ण बहुमत मिला। ये बात सामंतवादी ताकतों को हजम नहीं हो रही।उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर रहने का दुख सहन नहीं हुआ तो षड्यंत्र करने लगे।केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने लगे। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हम सड़क पर हैं। पुराने तेवर में लौट रहे हैं।
प्रदर्शन में शामिल झामुमो विधायक और प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री बैजनाथ राम ने कहा कि लिफाफा राजभवन में क्यों पड़ा है,यदि उसमें कोई तथ्य है तो अभी तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया,बैकडोर से हमले का उद्देश्य क्या है।संवैधानिक तरीके से चुनी गई सरकार को सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करके अपदस्थ करने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि झामुमो संघर्ष की पार्टी है।शिबू सोरेन से लेकर पार्टी के हर कार्यकर्ता ने संघर्ष किया है।





