रांची।झारखंड की राजधानी रांची में आज सोमवार छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं ने उगते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया।इसके साथ आस्था का महापर्व छठ का समापन हो गया।छठ व्रतियों ने प्रसाद के साथ उपवास तोड़ा।अब लोगों के बीच ठेकुआ सहित अन्य प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
राजधानी रांची के विभिन्न जलाशयों में हल्की ठंड में भोर से ही छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था।गाजे-बाजे के साथ लोग जलाशयों के पास जमा होने लगे थे। जैसे ही सूरज की पहली लालिमा आकाश में दिखाई पड़ी लोगों ने अर्घ्य दिया।वैश्विक महामारी कोरोना के दो साल बाद आस्था का महापर्व छठ बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रविवार शाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,बाबूलाल मरांडी, राजेश ठाकुर, रघुवर दास,मंत्री बन्ना गुप्ता, वरिष्ठ विधायक सरयू रॉय सहित कई अन्य गणमान्य लोगों ने छठ घाट पहुंचकर अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया था।
छठ घाटों पर दिखी जबरदस्त रौनक
आपको बता दें कि राजधानी रांची के कई जलाशयों में प्रशासन ने आस्था का महापर्व छठ मनाने की व्यवस्था की थी। रविवार शाम और सोमवार सुबह राजधानी रांची के कांके डैम, रूक्का डैम, धुर्वा डैम, बड़ा तालाब, करमटोली तालाब, बनस तालाब और तिरिल पोखर सहित कई अन्य जलाशयों में छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया। प्रशासन ने छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रकाश और प्रसाद सहित कई अन्य तरह की व्यवस्था की थी।घाटों पर पर्याप्त साफ-सफाई भी दिखी।सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे।
सुरक्षा का था पुख्ता इंतजाम
बता दें कि कांके डैम, रूक्का डैम और धुर्वा डैम सहित कुछ जलाशयों में इस बार जलस्तर काफी ज्यादा था।ऐसे में प्रशासन ने कोई अप्रिय घटना न हो इस लिए पानी की गहराई को चिन्हित कर बैरिकेडिंग की थी।जलाशयों में एसडीआरएफ के जवानों को भी बोट के साथ तैनात किया गया था।कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की खबर नहीं है।





