संजय कुमार धीरज की विशेष रिपोर्ट
साहिबगंज।खुद की कोशिश पर भरोसा,सटीक निर्णय की क्षमता,ज्ञान और सेवा का जज्बा किसी भी इंसान के भीतर हो तो वो इंसान मौत को भी मात दे सकता है।ऐसी ही मिसाल साहिबगंज निवासी सीआरपीएफ इंस्पेक्टर अमित कुमार साह ने पेश की है।हमेशा पॉजिटिव सोच के साथ देश व समाज सेवा करने वाले अमित ने एक वृद्ध आदमी की जान बचाई है।
दरअसल इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली के टर्मिनल- 2 पर 26 नवंबर की शाम 4 :10 बजे 65 वर्षीय प्रकाश चंद्र अपनी पत्नी के साथ कोलकाता जा रहे थे। इसी क्रम में चेक इन करते वक्त अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिससे प्रकाश वहीं गिर पड़े। वहां मौजूद साहिबगंज वासी अमित कुमार साह ने अपनी यात्रा की परवाह किए बिना उक्त पैसेंजर को तत्काल सीपीआर देना शुरू कर दिया। तीन मिनट तक सीपीआर देने के बाद अमित ने तुरंत अपना पर्स खोलकर सोल्बिट्रेट दवा पैसेंजर को दी। साथ ही उनके चेहरे पर पानी के छींटे मारते हुए उनको होश में लाया। जिसके बाद उनकी पत्नि व वहां मौजूद यात्रियों की जान में जान आई। तबतक सीआरपीएफ के अधिकारी और मेडिकल टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और घटना का जायजा लिया। बाद में अमित कुमार साह अपनी डिटेल नोट करवा कर आगे अपनी गंतव्य यात्रा साहिबगंज के लिए रवाना हो गए।
बता दें कि साहिबगंज निवासी सीआरपीएफ इंस्पेक्टर अमित कुमार साह, 178 वाहिनी शोपियां जम्मू कश्मीर में तैनात हैं। उन्होंने अपने घर पहुंचने के बाद बताया की आते वक्त वृद्ध दंपत्ति ने उन्हें ढेर सारी दुआएं दी।अमित कुमार कहते हैं की हार्ट अटैक जानलेवा है। लोगों को सीपीआर का तरीका सीखना चाहिए और हार्ट पेशेंट को हमेशा जीवन रक्षक दवाएं अपने पास रखनी चाहिए, ताकि समय रहते किसी की जान बचाई जा सके।
आपको बता दें कि सीआरपीएफ विश्व की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बल है। जो आज देश के हर हिस्से में बेहतरीन भूमिका निभा रही है। अमित कुमार साह ने छुट्टी में भी सेवा का बेहतरीन नमूना पेश कर साहिबगंज जिला को गौरवान्वित किया है।





